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'बदबू गुजरात की' महसूस करने आएं अमिताभ बच्चन: मेवानी
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 11 Sep 2016 12:28 PM IST
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गुजरात में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विज्ञापनों में अमिताभ बच्चन द्वारा बोली गई मशहूर टैगलाइन 'खुश्बू गुजरात की' से ऊना दलित अत्याचार लड़त समिति (यूडीएएलएस) खफा है। यूडीएएलएस अमिताभ बच्चन को 'बदबू गुजरात की' नाम से पोस्टकार्ड भेजेगी ताकि अमिताभ गुजरात में जगह-जगह मरे पड़े जानवरों की सड़ांध और बदबू आकर देखें। अमिताभ बच्चन ने गुजरात पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिन विज्ञापनों में काम किया था उनकी टैगलाइन थी 'खुशबू गुजरात की' और 'कुछ दिन तो गुजारिए गुजरात में'।
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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर मुताबिक, ऊना में दलितों की पिटाई के बाद आंदोलन करने वाली ऊना दलित अत्याचार लड़त समिति के संयोजक जिग्नेश मेवानी ने कहा, '13 सिंतबर को शहर में सार्वजनिक बैठक की जाएगी जहां हजारों दलित परिवार अमिताभ बच्चन को पोस्टकार्ड लिखेंगे।'
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अमिताभ को 'बदबू गुजरात की' महसूस करनी चाहिए
उन्होंने कहा, 'पीएम नरेंद्र मोदी के कहने पर अमिताभ बच्चन ने 'खुश्बू गुजरात की' विज्ञापन किया। अब हमने मरे जानवरों के शवों को उठाना छोड़ दिया है उन्हें गुजरात आकर कुछ दिन गुजारने चाहिए और यहां 'बदबू गुजरात की' महसूस करनी चाहिए।'
गुजरात में ऊना कांड के बाद से दलित मरे जानवरों के शव नहीं उठा रहे हैं जिसकी वजह से जगह-जगह बदबू और सड़ांध फैली हुई है। दलित संगठन ने कहा कि दलितों के अलावा भूमिहीन अनुसूचित जनजाति और पिछड़ी जातियों के लोगों के लिए भी आंदोलन करेंगे। फिक्स्ड वेतन पर रखे गए कर्मचारियों की दुर्दशा की भी आवाज बुलंद करेंगे। मेवानी ने कहा कि 'रेल रोको' आंदोलन की तारीख की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
गुजरात में ऊना कांड के बाद से दलित मरे जानवरों के शव नहीं उठा रहे हैं जिसकी वजह से जगह-जगह बदबू और सड़ांध फैली हुई है। दलित संगठन ने कहा कि दलितों के अलावा भूमिहीन अनुसूचित जनजाति और पिछड़ी जातियों के लोगों के लिए भी आंदोलन करेंगे। फिक्स्ड वेतन पर रखे गए कर्मचारियों की दुर्दशा की भी आवाज बुलंद करेंगे। मेवानी ने कहा कि 'रेल रोको' आंदोलन की तारीख की घोषणा जल्द ही की जाएगी।