{"_id":"5b0294474f1c1be4408b6ab2","slug":"gujarat-official-ramesh-chandra-said-he-board-train-without-ticket-on-the-order-of-goddess-durga","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुद को कल्कि अवतार बताने वाले गुजरात के अधिकारी ने बताया किस तरह करते हैं भगवान से संपर्क","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
खुद को कल्कि अवतार बताने वाले गुजरात के अधिकारी ने बताया किस तरह करते हैं भगवान से संपर्क
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Updated Mon, 21 May 2018 03:15 PM IST
विज्ञापन
रमेशचंद्र फेफर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुजरात के अहमदाबाद के सरदार सरोवर पुनर्वास एजेंसी (एसएसपीए) में काम करने वाले एक अधीक्षण अभियंता रमेशचंद्र फेफर ने घोषणा की है कि इस साल गुजरात में मानसून अच्छा रहेगा। फेफर का दावा है कि वह भगवान विष्णु के दसवें अवतार कल्कि हैं। उन्होंने दावा किया है कि पिछले 19 सालों से भारत में जो अच्छी बारिश हो रही है वह उनकी ही तपस्या का फल है। इतना ही उन्होंने यह भी दावा किया है कि मां दुर्गा के आदेश पर उन्होंने ट्रेन की बेटिकट यात्रा की है।
विज्ञापन
फेफर ने एसएसपीए द्वारा जारी किए गए नोटिस के जवाब में कहा था कि वह ऑफिस नहीं आ सकते क्योंकि वह तपस्या में लीन हैं। पिछले 8 महीने में फेफर केवल 16 दिन ऑफिस गए थे। जब उनकी इस अनुपस्थिति को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने जवाब में खुद के पास दैवीय शक्तियों के होने का दावा किया। उन्होंने कहा, 'मैं मां दुर्गा का भक्त हूं। मुझे देवी जगदम्बा (दुर्गा) और भगवान विष्णु से मानवता की भलाई करने का आदेश मिला है।' उनका दावा है कि वह हर पल भगवान से जुड़े रहते हैं।
विज्ञापन
फेफर ने बताया, 'मां का मुझ पर पूरी तरह से नियंत्रण है। मैं उनके आदेश का पालन करता हूं। 14 फरवरी 2008 को जब मैं राजकोट में था तब मुझे अहसास हुआ कि मेरा दाहिना मस्तिष्क सक्रिय हो गया है। इसी समय मुझे पता चला कि मैं विष्णु का अवतार कल्कि हूं। इसके बाद 6 मार्च 2010 को जब मैं ड्यूटी पर था मुझे मेरे अंदर भगवान विष्णु की शक्तियों का अहसास हुआ।'
विज्ञापन
इंजीनियर ने एक किस्सा सुनाते हुए दावा किया कि वह बेटिकट यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने कहा, 'एक दिन मां दुर्गा ने मुझे दिल्ली से हरिद्वार के लिए एक ट्रेन टिकट बुक करने को कहा। मगर मुझे कंफर्म टिकट नहीं मिला। इसके बाद मां दुर्गा ने मुझे उस सीट के बारे में बताया जो खाली थी। बाद में जब टीटी आया तो उसने भी मुझे यही बताया कि यह सीट खाली है और फिर टिकट खरीदकर दिया।'