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Morbi Bridge Collapse: ओरेवा कंपनी के MD की अंतरिम जमानत याचिका खारिज, जानें पूरा मामला
Tue, 07 Mar 2023 04:16 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Tue, 07 Mar 2023 04:16 PM IST
सार
मोरबी पुलिस हादसे में पुलिस ने जयसुख पटेल के साथ 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। वर्तमान में सभी आरोपी जेल में बंद हैं। हादसे में 135 लोगों की मौत हो गई थी, तो कई लोग घायल हो गए थे।
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मोरबी पुल हादसा
- फोटो : Social Media
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विस्तार
गुजरात के मोरबी पुल हादसा मामले में ओरेवा कंपनी के MD जयसुखभाई पटेल की अंतरिम जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायालय द्वारा खारिज कर दी गई। इससे पहले सरकार ने ओरेवा कपंनी के प्रमोटर जयसुख पटेल की अंतरिम जमानत याचिका का विरोध किया था।
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जयसुख पटेल ने हादसे के मृतकों के परिवारों और घायल हुए 56 लोगों को मुआवजा देने के लिए विभिन्न औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए 15 से 20 दिनों के लिए जमानत की मांग की थी। हालांकि, सरकार ने याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए उनकी उपस्थिति की आवश्यकता नहीं है।
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दरअसल, गुजरात हाईकोर्ट ने 22 फरवरी को ओरेवा कंपनी को हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 10 लाख रुपये व घायलों को दो लाख रुपये मुआवजा चार सप्ताह के भीतर देने का निर्देश दिया था। मामले में चार मार्च को हुई सुनवाई के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीसी जोशी की अदालत ने पटेल की अंतरिम जमानत याचिका पर अपना फैसला सात मार्च के लिए सुरक्षित रख लिया था।
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मोरबी पुलिस हादसे में पुलिस ने जयसुख पटेल के साथ 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। वर्तमान में सभी आरोपी जेल में बंद हैं। पटेल को विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा दायर चार्जशीट में एक आरोपी बनाया गया है। हादसे में 135 लोगों की मौत हो गई थी, तो कई लोग घायल हो गए थे। एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच में पाया था कि पुल के एक केबल पर लगभग आधे तारों पर जंग लगी थी और पुराने सस्पेंडर्स को लगाया गया था, जिस कारण पुल बोझ सहन नहीं कर सका और गिर गया।