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Gujarat Tremor: गुजरात के कच्छ में महसूस किए गए भूकंप के झटके, 3.3 मापी गई तीव्रता; कोई हताहत नहीं
Wed, 08 Mar 2023 10:32 AM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Wed, 08 Mar 2023 10:32 AM IST
सार
गांधीनगर स्थित आईएसआर के मुताबिक, कच्छ जिले के भचाऊ शहर से लगभग 10 किमी उत्तर-पूर्वोत्तर (एनएनई) में भूकंप का केंद्र था। भूकंप तड़के 3:42 बजे दर्ज किया गया।
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Earthquake
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
गुजरात के कच्छ जिले में बुधवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.3 मापी गई। भूकंप विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईएसआर) ने यह जानकारी दी। गांधीनगर स्थित आईएसआर के मुताबिक, कच्छ जिले के भचाऊ शहर से लगभग 10 किमी उत्तर-पूर्वोत्तर (एनएनई) में भूकंप का केंद्र था। भूकंप तड़के 3:42 बजे दर्ज किया गया। जिला अधिकारियों ने कहा कि संपत्ति या जीवन को कोई नुकसान नहीं हुआ है। यहां पिछली बार 27 फरवरी को 3.8 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था।
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कच्छ भूकंप के लिहाज से सबसे संवेदनशील क्षेत्र
कच्छ, जो अहमदाबाद से लगभग 400 किमी दूर है, एक बहुत ही उच्च जोखिम वाले भूकंपीय क्षेत्र में स्थित है और वहां नियमित रूप से कम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित इस जिले में जनवरी 2001 में विनाशकारी भूकंप आया था जिसमें 13,800 लोग मारे गए थे और अन्य 1.67 लाख घायल हुए थे। भूकंप ने जिले के विभिन्न कस्बों और गांवों में संपत्तियों को गंभीर नुकसान पहुंचाया था।
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कैसे आता है भूकंप?
भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।
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भूकंप की तीव्रता क्या है?
- रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं।
- इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते।
- वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है।
- लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं।