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गुजरात चुनाव: जीत का पंच लगाने के लिए भाजपा का बूथ चलो अभियान
संजय मिश्र/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 12 May 2017 11:59 AM IST
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पीएम मोदी के गृह प्रदेश गुजरात में जीत का पंच लगाने के लिए भाजपा बूथ चलो अभियान चलाएगी। वर्ष के अंत में होने वाले प्रदेश विधानसभा के चुनाव लंबे अरसे बाद पीएम मोदी की गैर मौजूदगी में हो रहे हैं। मोदी की गैर मौजूदगी के वजह से विपक्ष को उम्मीदें बंधी हुई हैं। तो यूपी में ऐतिहासिक जीत के बाद से भाजपा के हौसले सातवें आसमान पर हैं।
बावजूद उसके पार्टी अध्यक्ष अमित शाह चुनावी रणनीति में कोई चूक नहीं छोडना चाहते हैं। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के नेतृत्व में पहली दफे लडे जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए शाह ने मुकम्मल रणनीति बनाई है। शाह की इस रणनीति में बूथ चलो अभियान पर फोकस ज्यादा है। प्रदेश भाजपा को आगामी सितंबर तक के कार्यक्रम थमा दिए गए हैं।
रूपाणी के नेतृत्व में ही होगा चुनाव
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार गुजरात विधानसभा का अगला चुनाव मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के नेतृत्व में ही होगा। अन्य राज्यों की तरह चेहरा पीएम मोदी का रहेगा और नेता के रूप में चुनाव की अगुवाई रूपाणी करेंगे। सूत्र बताते हैं कि उचित समय पर पार्टी का संसदीय बोर्ड रूपाणी के अगुवाई का औपचारिक एलान करेगा।
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रूपाणी को अगुवाई थमाने से स्पष्ट हो गया है कि वे आगे भी गुजरात के मुख्यमंत्री बने रहेंगे। समय—समय पर सियासी गलियारे में यह बात तैरती रहती है कि शाह की नजर गुजरात पर है। मगर जिस तरह से पीएम मोदी और शाह की जोडी देश में हीट हो रही है। उसे देखकर लगता नहीं की शाह राष्ट्रीय राजनीति छोडना पसंद करेंगे। उनके कार्यशैली से स्पष्ट हो चला है कि उनका लक्ष्य अब मोदी को 2019 में दोबारा से जीत दिलाना है।
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बावजूद उसके पार्टी अध्यक्ष अमित शाह चुनावी रणनीति में कोई चूक नहीं छोडना चाहते हैं। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के नेतृत्व में पहली दफे लडे जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए शाह ने मुकम्मल रणनीति बनाई है। शाह की इस रणनीति में बूथ चलो अभियान पर फोकस ज्यादा है। प्रदेश भाजपा को आगामी सितंबर तक के कार्यक्रम थमा दिए गए हैं।
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रूपाणी के नेतृत्व में ही होगा चुनाव
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार गुजरात विधानसभा का अगला चुनाव मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के नेतृत्व में ही होगा। अन्य राज्यों की तरह चेहरा पीएम मोदी का रहेगा और नेता के रूप में चुनाव की अगुवाई रूपाणी करेंगे। सूत्र बताते हैं कि उचित समय पर पार्टी का संसदीय बोर्ड रूपाणी के अगुवाई का औपचारिक एलान करेगा।
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रूपाणी को अगुवाई थमाने से स्पष्ट हो गया है कि वे आगे भी गुजरात के मुख्यमंत्री बने रहेंगे। समय—समय पर सियासी गलियारे में यह बात तैरती रहती है कि शाह की नजर गुजरात पर है। मगर जिस तरह से पीएम मोदी और शाह की जोडी देश में हीट हो रही है। उसे देखकर लगता नहीं की शाह राष्ट्रीय राजनीति छोडना पसंद करेंगे। उनके कार्यशैली से स्पष्ट हो चला है कि उनका लक्ष्य अब मोदी को 2019 में दोबारा से जीत दिलाना है।
जीत का पंच लगाने के लिए शाह का बूथ पर जोर
गुजरात विधानसभा चुनाव की रणनीति बताते हुए प्रदेश भाजपा के एक नेता ने कहा कि सूबे में जीत का पंच लगाने के लिए शाह को जोर बूथ स्तर पर ज्यादा है। यही वजह है कि संगठन के लिए उन्होंने सितंबर तक के लिए जो कार्यक्रम बनाए हैं। उसमें बूथ केंद्रीत कार्यक्रमों पर जोर ज्यादा हैं।
क्या है शाह का बूथ चलो अभियान
चुनावी तैयारी के पहले चरण की शुरूआत 15 मई से होगी। हर जिले में 400—400 बूथों के 2 सम्मेलन होगें। अभी मंडल स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच प्रशिक्षण कार्यक्रमों का दौर जारी है। इसके अगले दौर में बूथ चलो अभियान की शुरूआत होगी। मई के अंतिम सप्ताह से शुरू होकर अभियान का पहला चरण जुन के प्रथम सप्ताह में पूरा होगा।
इसके पार्टी के कार्यकर्ता सूबे की सभी 45 हजार से 47 हजार पोलिंग बूथों पर जाकर पीएम मोदी और मुख्यमंत्री रूपाणी के कार्यों से जनता को अवगत कराएंगे। इस अभियान का दूसरा चरण विधानसभा चुनाव से ठीक दो माह पहले सितंबर के शुरू में भी होगा। इन कार्यक्रमों के अलावा जून में पन्ना प्रमुखों की बैठक होगी।
तो दीन दयाल संगठन विस्तार योजना के तहत पार्टी अभी से गांव स्तर पर आयोजन समिति का निर्माण कर रही है। सूत्र बताते हैं कि दीन दयाल जन्मशदी समारोह आयोजन समिति के तहत हर माह एक सामाजिक कार्यक्रम गांव स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। इन सामाजिक कार्यक्रमों में ब्लड डोनेशन, स्वच्छत्ता से लेकर स्थानिय समस्याओं पर आधारित कार्यक्रम होंगे।
क्या है शाह का बूथ चलो अभियान
चुनावी तैयारी के पहले चरण की शुरूआत 15 मई से होगी। हर जिले में 400—400 बूथों के 2 सम्मेलन होगें। अभी मंडल स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच प्रशिक्षण कार्यक्रमों का दौर जारी है। इसके अगले दौर में बूथ चलो अभियान की शुरूआत होगी। मई के अंतिम सप्ताह से शुरू होकर अभियान का पहला चरण जुन के प्रथम सप्ताह में पूरा होगा।
इसके पार्टी के कार्यकर्ता सूबे की सभी 45 हजार से 47 हजार पोलिंग बूथों पर जाकर पीएम मोदी और मुख्यमंत्री रूपाणी के कार्यों से जनता को अवगत कराएंगे। इस अभियान का दूसरा चरण विधानसभा चुनाव से ठीक दो माह पहले सितंबर के शुरू में भी होगा। इन कार्यक्रमों के अलावा जून में पन्ना प्रमुखों की बैठक होगी।
तो दीन दयाल संगठन विस्तार योजना के तहत पार्टी अभी से गांव स्तर पर आयोजन समिति का निर्माण कर रही है। सूत्र बताते हैं कि दीन दयाल जन्मशदी समारोह आयोजन समिति के तहत हर माह एक सामाजिक कार्यक्रम गांव स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। इन सामाजिक कार्यक्रमों में ब्लड डोनेशन, स्वच्छत्ता से लेकर स्थानिय समस्याओं पर आधारित कार्यक्रम होंगे।