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गुजरात चुनावः अल्पेश ठाकोर का साथ मिलने पर जातिगत गणित में भाजपा पर भारी पड़ी कांग्रेस
संजय मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 21 Oct 2017 08:54 PM IST
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गुजरात में पिछड़ी जाति के मसीहा बनकर उभरे अल्पेश ठाकोर ने कांग्रेस का दामन थामने का ऐलान किया है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के बाद अल्पेश ने कहा है कि वे 23 अक्टूबर को गुजरात में होने वाली रैली के बीच कांग्रेस में शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि इस रैली में राहुल गांधी भी शामिल होंगे। तो पटेल नेता हार्दिक पटेल और दलित नेता जिग्रेश मवानी ने कांग्रेस को साथ देने के संकेत पहले ही दे दिए हैं।
अल्पेश के कांग्रेस में जाने के ऐलान को कांग्रेस की बड़ी रणनीतिक जीत मानी जा रही है। वे उत्तर गुजरात के बनासकांठा से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़ सकते हैं। अल्पेश के कांग्रेस में जाने के ऐलान को भाजपा के लिए तगड़ा झटका माना जा रहा है।
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भाजपा आलाकमान भी परदे के पीछे से अल्पेश को साधने में जुटी हुई थी। मगर अल्पेश की बाजी कांग्रेस ने मार ली है। बताया जा रहा है कि अल्पेश को साधने के पीछे कांग्रेस महासचिव अहमद पटेल का बड़ा योगदान है। अक्टूबर के शुरूआत में अल्पेश ने दिल्ली आकर पटेल से मुलाकात भी की थी।
जातिगत गणित में कांग्रेस ने मारी भाजपा पर बाजी
अल्पेश के कांग्रेस का दामन थामने से भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। गुजरात में पिछड़ों की वोट प्रतिशत करीब 54 प्रतिशत है। और बीते दो वर्षों में अल्पेश पिछड़ों के बड़े चेहरा बनकर उभरे हैं। अल्पेश ने कांग्रेस का दामन थामने के ऐलान के साथ गुजरात के किसानों की समस्या, बेरोजगारी और अवैध शराब के व्यवसाय को लेकर भाजपा पर हमला बोला है।
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उन्होंने कहा कि इस रैली में राहुल गांधी भी शामिल होंगे। तो पटेल नेता हार्दिक पटेल और दलित नेता जिग्रेश मवानी ने कांग्रेस को साथ देने के संकेत पहले ही दे दिए हैं।
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अल्पेश के कांग्रेस में जाने के ऐलान को कांग्रेस की बड़ी रणनीतिक जीत मानी जा रही है। वे उत्तर गुजरात के बनासकांठा से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़ सकते हैं। अल्पेश के कांग्रेस में जाने के ऐलान को भाजपा के लिए तगड़ा झटका माना जा रहा है।
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भाजपा आलाकमान भी परदे के पीछे से अल्पेश को साधने में जुटी हुई थी। मगर अल्पेश की बाजी कांग्रेस ने मार ली है। बताया जा रहा है कि अल्पेश को साधने के पीछे कांग्रेस महासचिव अहमद पटेल का बड़ा योगदान है। अक्टूबर के शुरूआत में अल्पेश ने दिल्ली आकर पटेल से मुलाकात भी की थी।
जातिगत गणित में कांग्रेस ने मारी भाजपा पर बाजी
अल्पेश के कांग्रेस का दामन थामने से भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। गुजरात में पिछड़ों की वोट प्रतिशत करीब 54 प्रतिशत है। और बीते दो वर्षों में अल्पेश पिछड़ों के बड़े चेहरा बनकर उभरे हैं। अल्पेश ने कांग्रेस का दामन थामने के ऐलान के साथ गुजरात के किसानों की समस्या, बेरोजगारी और अवैध शराब के व्यवसाय को लेकर भाजपा पर हमला बोला है।
हार्दिक और जिग्रेश पहले ही कर चुके हैं कांग्रेस का साथ देने के संकेत
अल्पेश के अलावा गुजरात में युवा नेता बनकर उभरे हार्दिक पटेल और जिग्रेश मवानी ने पहले ही भाजपा विरोध की बात कर कांग्रेस को समर्थन देने का संकेत कर चुका है।
हार्दिक पटेल ने कहा है कि गुजरात में भाजपा को हराने के लिए सबको एकजूट होना पड़ेगा। अल्पेश ने स्पष्ट कहा है कि वे हार्दिक और जिग्रेश तीनों युवा नेता भाजपा के विरूद्ध जा रहे हैं। पटेल आरक्षण अांदोलन के वजह से हार्दिक पटेलों के बीच लोकप्रिय हैं।
तो जिग्रेश उना में दलितों के खिलाफ हुए मामले के बाद दलित नेता के रूप में उभरे हैं। इन तीनों ही नेताओं ने बीते दो वर्षों से गुजरात में न सिर्फ भाजपा सरकार की मुश्किलें बढ़ाई हैं। बल्कि अपने-अपने वर्ग में इन्होंने गहरी पैठ भी बनाई है।
अब चुनाव के ऐन मौके पर भाजपा के खिलाफ जाने का ऐलान कर इन्होंने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी है। राजनीतिक गलियारे में भी चर्चा तेज है कि इन तीनों नेताओं के कांग्रेस के साथ जाने के बाद जातिगत जमीन पर भाजपा कमजोर पड़ेगी।
डैमेज कंट्रोल में जुटे शाह,हार्दिक के करीबियों पर चला दांव
अल्पेश के कांग्रेस में दामन थामने के ऐलान के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं। अहमदाबाद में उन्होंने हार्दिक पटेल के दो करीबी नेताओं को बुलाकर उनसे मुलाकात की है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में भाजपा अल्पेश, हार्दिक और जिग्रेश के करीबियों को अपने पाले में खींचकर इन्हें जमीन पर कमजोर करने की कोशिश करेगी।
हार्दिक पटेल ने कहा है कि गुजरात में भाजपा को हराने के लिए सबको एकजूट होना पड़ेगा। अल्पेश ने स्पष्ट कहा है कि वे हार्दिक और जिग्रेश तीनों युवा नेता भाजपा के विरूद्ध जा रहे हैं। पटेल आरक्षण अांदोलन के वजह से हार्दिक पटेलों के बीच लोकप्रिय हैं।
तो जिग्रेश उना में दलितों के खिलाफ हुए मामले के बाद दलित नेता के रूप में उभरे हैं। इन तीनों ही नेताओं ने बीते दो वर्षों से गुजरात में न सिर्फ भाजपा सरकार की मुश्किलें बढ़ाई हैं। बल्कि अपने-अपने वर्ग में इन्होंने गहरी पैठ भी बनाई है।
अब चुनाव के ऐन मौके पर भाजपा के खिलाफ जाने का ऐलान कर इन्होंने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी है। राजनीतिक गलियारे में भी चर्चा तेज है कि इन तीनों नेताओं के कांग्रेस के साथ जाने के बाद जातिगत जमीन पर भाजपा कमजोर पड़ेगी।
डैमेज कंट्रोल में जुटे शाह,हार्दिक के करीबियों पर चला दांव
अल्पेश के कांग्रेस में दामन थामने के ऐलान के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं। अहमदाबाद में उन्होंने हार्दिक पटेल के दो करीबी नेताओं को बुलाकर उनसे मुलाकात की है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में भाजपा अल्पेश, हार्दिक और जिग्रेश के करीबियों को अपने पाले में खींचकर इन्हें जमीन पर कमजोर करने की कोशिश करेगी।