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गुजरात में भाजपा की रैलियां 200 के पार, रोड शो से बच रहे हैं मोदी

Fri, 08 Dec 2017 01:21 PM IST
संजय मिश्र, गांधी नगर
संजय मिश्र, गांधी नगर Updated Fri, 08 Dec 2017 01:21 PM IST
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Gujarat election 2017 bjp across 200 rallies, pm Modi away from the road show

प्रथम चरण के तहत होने वाले इलाकों में प्रचार का दौर खत्म होते ही भाजपा ने गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए अपने 200 रैलियों का आंकड़ा पार कर लिया है। पार्टी ने विशेष रणनीति के तहत पीएम नरेंद्र मोदी को रोड शो से दूर रखा है।

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यूपी विधानसभा चुनाव के वक्त बनारस में रोड शो कर माहौल अपने पक्ष में करने वाले पीएम मोदी का चुनावी रोड शो उनके अपने प्रदेश में शायद ही हो। भाजपा की प्रचार रणनीति बना रहे एक नेता के अनुसार सूबे के चुनाव के लिए पीएम मोदी की 31 रैलियां तय थीं, जिसमें 20 रैलियां संपन्न हो चुकी हैं।
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उक्त नेता के अनुसार पार्टी की रणनीति अपने नेताओं की ज्यादा से ज्यादा रैलियां आयोजित कर वोटर तक सीधे अपनी बात पहुंचाने की है। इस कड़ी में भाजपा की रैलियों की संख्या 200 को पार कर गई है। इसमें राज्य और केंद्र के बड़े नेताओं की सभाएं शामिल हैं।
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बचे दिनों में भी पार्टी अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए करीब इतनी ही चुनावी सभाएं और आयोजित कर लेगी। मोदी का रोड शो आयोजित न करने को लेकर पार्टी की दलील वैसे तो सुरक्षा कारण हैं, मगर माना जा रहा है कि भीड़ की तुलना होने के वजह से पार्टी ने यह सावधानी बरती है। एक तो हार्दिक पटेल के रोड शो में भीड़ काफी जुट रही है। दूसरा कारण यह है कि चुनाव के ऐलान से पहले सूबे के अहम इलाकों में मोदी के बड़े-बड़े रोड शो आयोजित हो चुके हैं।

यदि चुनावी माहौल में भीड़ मोदी के शो में पहले जैसी नहीं जुटी तो मीडिया में नकारात्मक चर्चाएं शुरू हो जाएंगी। यही वजह है कि पार्टी ने मोदी के रोड शो से किनारा किया है। अहदाबाद में भी उनकी सभाएं ही कराने का प्लान है। 

भाजपा को उम्मीद 70 प्रतिशत पहुंचेगा मतदान
भाजपा रणनीतिकारों को उम्मीद है कि विधानसभा चुनाव के लिए सूबे का मतदान 70 प्रतिशत के आसपास रहेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति बनाई है। पार्टी का आकलन है कि 4.33 करोड़ मतदाताओं में से करीब 3 करोड़ के आसपास मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे।

इस 3 करोड़ के मतदाताओं में जो पहले 1.5 करोड़ के आंकड़े को पार कर लेगा, विधानसभा चुनाव में उसकी जीत होगी। पार्टी ने इसी हिसाब से अपनी रणनीति बनाई है। पार्टी की उम्मीदें उन 10 लाख मतदाताओं से ज्यादा हैं जो कि पहली दफे मतदाता बने हैं।

इसके अलावा पीएम मोदी और अपने नेताओं की सभाओं के जरिए भाजपा ने करीब 60 लाख मतदाताओं को साधने का लक्ष्य बनाया है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि 1.25 करोड़ के करीब गुजरात में भाजपा का अपना कोर वोटर है। उसके ऊपर के वोटरों को साधने के लिए ही प्रचार और सभाओं के जरिए तमाम कवायदे हुई हैं। चुनावी दिन के लिए संगठन की तमाम इकाइयों के अलावा पार्टी के पेज प्रमुख मुस्तैद हैं। 

बूथ स्तर पर जवाब देने को कांग्रेस भी है तैयार
चुनावी माहौल और जनता की चर्चाओं में भाजपा को कांटे की टक्कर पेश कर रही कांग्रेस ने बूथ स्तर पर भी जवाब देने की पुरजोर तैयारी की है। प्रभारी अशोक गहलोत की अगुवाई में राज्य की 150 सीटों पर राजस्थान के तमाम बड़े नेता बीते दो-तीन माह से यहां डटे हुए हैं।

अन्य 30 सीटों पर राजीव सातव की टीम लगी हुई है। शहर और देहात की सीटों के लिए गहलोत ने यहां अलग-अलग रणनीति बनाई है और उसी हिसाब से यहां अपने खास नेताओं को जिम्मेदारी दी है। प्रत्येक बड़े नेता को विधानसभा की 4 सीटों का प्रभारी बनाते हुए उनके साथ पूर्व सांसद और विधायक स्तर के 10 नेता लगाए गए हैं।

अहमदाबाद में दीपेंद्र सिंह शेखावत, परसराम मोरदिया, सुभाष मेहरिया, संजय लोढ़ा और मकबूल मंडोलिया प्रमुख भूमिका में हैं तो प्रदेश के समन्वय का काम पुखराज पराशर और धमेंद्र राठौर के जिम्मे है। गांधी नगर जिले की कमान खुद गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत के हाथों में है।

वडोदरा की कमान राजस्थान के पूर्व पीसीसी अध्यक्ष चंद्र भान और शांति धारीवाल के हाथ में है। सूरत के मोर्चे पर बीडी कल्ला, मलदेव सिंह खंडेला, राजेंद्र पारिख डटे हुए हैं। इन नेताओं के सहयोगी के रूप में करीब 20 से 25 नेता हैं। ऐसी ही व्यवस्था देहात की सीटों के लिए है।

पार्टी की रणनीति से जुड़े एक नेता के अनुसार हमने प्रत्याशी के हिसाब से बूथ स्तर पर समिति बना ली है। पोलिंग एजेंट और उसके रिलीवर के अलावा हर बूथ में 10 लोगों को समिति सदस्य के रूप में जोड़ा गया है। 

रणनीति का केंद्र बना गांधी नगर
भाजपा और कांग्रेस की रणनीति का केंद्र गांधी नगर बना हुआ है। भाजपा ने मीडिया के लिए अहमदाबाद में अस्थाई कार्यालय बनाकर अपने रणनीतिक ऑफिस से उसे दूर रखा है। पार्टी का पूरा चुनावी अभियान और रणनीति गांधी नगर स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय श्री कमलम से चल रही है।

यहां करीब 300 से ज्यादा लोग सुबह से लेकर देर रात तक कार्य में डटे रह रहे हैं। प्रबंधन के जरिए चुनाव को आसान बनाते हुए प्रचार, प्रवास, वाहन, प्रचार सामग्री सरीखे कई सारे अलग-अलग विभाग बनाए गए हैं। कांग्रेस से चुनौती मिलता देख नेताओं के चेहरे का नूर बेशक गायब है, लेकिन श्री कमलम के प्रवास विभाग के दरवाजे पर लिखा है कि मुस्कराते रहिए आप प्रवास विभाग में है।

ठीक भाजपा की तरह कांग्रेस ने भी अपने रणनीतिक ऑफिस को गांधी नगर में केंद्रित कर दिया है, जबकि अन्य गतिविधियों के लिए पार्टी का पीसीसी कार्यालय अहमदाबाद में है। गांधी नगर में फ्लैट किराए पर लेकर कांग्रेस की टीम बूथ स्तर पर अपनी रणनीति को अंजाम दे रही है। उनका कार्य भी भाजपा की तरह पूरा प्रोफेशनल है।

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