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गुजरात के विवादास्पद आतंकवाद विरोधी कानून को राष्ट्रपति की मिली मंजूरी
Tue, 05 Nov 2019 05:04 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,गुजरात
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Published by: Trainee Trainee
Updated Tue, 05 Nov 2019 05:04 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : amar ujala
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गुजरात में भाजपा सरकार द्वारा मार्च 2015 में पास किए गए विवादास्पद जीसीटीओसी बिल (गुजरात कंट्रोल ऑफ टेररिज्म एंड ऑर्गेनाइज्ड क्राइम बिल) को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूरी दे दी है।
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इस बिल के विवादास्पद होने की वजह यह थी कि इसमें फोन की बातचीत को वैध सबूत मानने की बात कही गई है। इस बिल पर राष्ट्रपति की मंजूरी की सूचना गुजरात के गृह मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने मंगलवार को दी। उन्होंने कहा कि यह बिल नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान साल 2004 से लंबित था। उस दौरान इस बिल का नाम गुजरात कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम (जीयूसीओसी) बिल था।
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साल 2015 में गुजरात सरकार ने बिल का नाम जीसीटीओसी (गुजरात कंट्रोल ऑफ टेररिज्म एंड ऑर्गनाइज्ड क्राइम बिल) करके फिर से पेश किया लेकिन पुलिस को टेलीफोनिक वार्तालापों को टैप करने और सबूत के रूप में अदालत में प्रस्तुत करने जैसे विवादास्पद प्रावधानों को बरकरार रखा।
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प्रदीप सिंह जडेजा ने कहा कि विधेयक के प्रावधान आतंकवाद, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, पोंजी स्कीम, मादक पदार्थों के व्यापार और जबरन वसूली के रैकेट से निपटने में महत्वपूर्ण साबित होंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि आखिरकार आज पीएम मोदी का सपना पूरा हो गया।