इंटरव्यू पर EC ने राहुल गांधी को भेजा नोटिस, चैनलों पर FIR दर्ज करने का दिया आदेश
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गुजरात विधानसभा चुनाव में अंतिम चरण के मतदान से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के इंटरव्यू पर चुनाव आयोग ने कड़ी आपत्ति जताई है। आयोग ने प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को उन मीडिया चैनलों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है जिन्होंने चुनाव वाले जिलों में यह इंटरव्यू प्रसारित किया। आयोग ने ऐसे मीडिया चैनलों के खिलाफ जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 के उल्लंघन के तहत एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही चुनाव आयोग ने राहुल गांधी पर आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए नोटिस जारी किया है। आयोग ने राहुल से 18 दिसंबर शाम 5 बजे तक जवाब देने को कहा है।
आयोग ने राहुल के इंटरव्यू के प्रसारण को दूसरे चरण के मतदान से 48 घंटे पहले तक लगी पाबंदी का उल्लंघन करार दिया है। मतदान वाले जिलों में राहुल के इंटरव्यू के प्रसारण की खबरें और इसके खिलाफ मिली शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए आयोग ने कहा, ‘इस तरह का प्रसारण जनप्रतिनिधि कानून की धारा 126 (3) के तहत ‘चुनाव मामले’ की व्याख्या में आता है और मतदान वाले क्षेत्रों में 48 घंटे पहले तक इनका प्रसारण इस कानून का उल्लंघन माना जाता है।’
राहुल गांधी के इंटरव्यू के खिलाफ भाजपा ने गुजरात चुनाव आयोग में तीन शिकायतें दर्ज कराई थी और दावा किया था कि उनका इंटरव्यू चुनाव प्रचार के दायरे में आता है, जिसकी मतदान के 48 घंटे पहले तक इजाजत नहीं है।
लिहाजा आयोग ने गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आदेश दिया है कि इस कानून का उल्लंघन करने वाले मीडिया संस्थानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए। आयोग ने इस कानून की धारा 126 (1) (बी) का उल्लंघन करने वाले टीवी चैनलों को भी निर्देश दिया है कि इस इंटरव्यू का प्रसारण रोक दें।
राहुल का इंटरव्यू हताशा की निशानी: भाजपा
गुजरात विधानसभा चुनाव में अंतिम चरण के मतदान से पहले नवनिर्वाचित कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के गुजराती चैनल को दिए इंटरव्यू को भाजपा ने हताशा भरा कदम बताया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि चुनाव में हार के डर से राहुल इतने हताश हो गए हैं कि उन्होंने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कर मीडिया को इंटरव्यू दे डाला।
गोयल ने कहा कि चुनाव आयोग को इस इंटरव्यू पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इंटरव्यू में कांग्रेस अध्यक्ष ने गुजरात में अंडरकरंट की जो बात की है, वह कांग्रेस के खिलाफ ही जाएगी और भाजपा प्रदेश की 182 में से 150 सीटें जीतेगी।
उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस काफी डरी हुई है और राहुल अपना छवि को बचाने को लेकर हताश हैं। यही कारण है कि उन्होंने आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए इंटरव्यू दिया। हमें नहीं लगता कि इस तरह के इंटरव्यू चुनाव से पहले देने की इजाजत होती है। हमने कभी इस तरह इंटरव्यू नहीं दिया है।’ भ्रष्टाचार के मामले में एक अदालत द्वारा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को दोषी ठहराए जाने पर भी उन्होंने विपक्षी दल पर निशाना साधा।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला गुजरात प्रदेश के कुछ भाजपा नेता टीवी चैनलों को चुनाव आयोग की आचार संहिता के उल्लंघन के नाम पर धमकियां दे रहे हैं। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा मीडिया पर इस तरह की पाबंदी नहीं थोप सकती है क्योंकि लोकतंत्र के अपने कुछ कायदे-कानून हैं। हम चुनाव आयोग से इस पर संज्ञान लेने की अपील करते हैं और पत्रकारों को धमकियां देने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कराने की मांग करते हैं।
गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पत्रकारों को धमकियां दे रहे हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी गांधी का इंटरव्यू करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कराने की बात की है। चुनाव आयोग तय करेगा कि आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है या नहीं, भाजपा नेता इस पर किसी को धमकी नहीं दे सकते।’