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सोहराबुद्दीन मामले से गुजरात आईपीएस अधिकारी पांडियन हुए बरी
एजेंसी, मुंबई
Updated Fri, 26 Aug 2016 03:07 AM IST
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- फोटो : getty
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मुंबई में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने गुजरात के आईपीएस अधिकारी राजकुमार पांडियन को सोहराबुद्दीन शेख और तुलसी राम प्रजापति के फर्जी मुठभेड़ के मामले से बरी कर दिया।
विशेष सीबीआई न्यायाधिस एमबी गोसवी ने पांडियन के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति ना लेने के कारण उन्हें आरोपी ना बनाए जा सकने के आधार पर बरी कर दिया। सीबीआई के मुताबिक, पांडियन गुजरात एटीएस की उस टीम के सदस्य थे जिसने सोहराबुद्दीन और उनकी पत्नी कौसर बाई को उठाया था। एजेंसी का दावा है कि पांडियन साजिश के शुरूआती दौर से ही इसमें सक्रिय रूप से भागीदार थे।
पांडियन फिलहाल मुंबई के गुजरात औद्योगिक विकास कॉरपोरेशन के संपर्क अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। 2007 के मुठभेड़ मामले में गिरफ्तार होने के बाद पांडियन को सस्पेंड कर दिया गया था जिन्हें 2014 में दोबारा नियुक्ति दी गई।
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विशेष सीबीआई न्यायाधिस एमबी गोसवी ने पांडियन के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति ना लेने के कारण उन्हें आरोपी ना बनाए जा सकने के आधार पर बरी कर दिया। सीबीआई के मुताबिक, पांडियन गुजरात एटीएस की उस टीम के सदस्य थे जिसने सोहराबुद्दीन और उनकी पत्नी कौसर बाई को उठाया था। एजेंसी का दावा है कि पांडियन साजिश के शुरूआती दौर से ही इसमें सक्रिय रूप से भागीदार थे।
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पांडियन फिलहाल मुंबई के गुजरात औद्योगिक विकास कॉरपोरेशन के संपर्क अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। 2007 के मुठभेड़ मामले में गिरफ्तार होने के बाद पांडियन को सस्पेंड कर दिया गया था जिन्हें 2014 में दोबारा नियुक्ति दी गई।
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