विपक्ष शासित राज्यों ने जीएसटी दरों में कटौती का किया विरोध, राजस्व का दिया हवाला
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जीएसटी काउंसिल की बैठक के दौरान राजनीतिक मतभेद भी उभरकर सामने आए। विपक्ष शासित राज्यों ने राजस्व का हवाला देते हुए जीएसटी की दरों में कटौती का विरोध किया। सूत्रों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ और राजस्थान सरकार ने बैठक में अपने अधिकारियों को भेजा, जबकि मध्य प्रदेश से बैठक में कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ। इन तीनों ही राज्यों में कांग्रेस हाल में सत्ता पर काबिज हुई है।
विपक्ष शासित राज्यों का कहना था कि अगर इस समय दरों में कटौती की गई तो केंद्र सरकार को राज्यों को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए सहमत होना चाहिए। यह जीएसटी लागू करने के बाद पांच साल की निर्धारित अवधि के अतिरिक्त होना चाहिए।
केरल का कहना था कि जब राजस्व नहीं बढ़ रहा है तो दरों में कटौती के लिए यह समय ठीक नहीं है। हालांकि, अंत में विपक्ष शासित राज्य भाजपा के एक मंत्री की ओर से दिए बैठक के मिनट्स की रिकॉर्डिंग और सार्वजनिक बयानों की तुलना करने के प्रस्ताव पर सहमत हो गए। काफी जद्दोजहद के बाद जीएसटी काउंसिल 23 आम उपयोग की वस्तुओं पर दरें घटाने पर सहमत हुई।
पश्चिम बंगाल अब तक कहता रहा है कि लग्जरी और तंबाकू उत्पादों के अतिरिक्त सभी वस्तुओं पर 18 फीसदी जीएसटी लगना चाहिए। काउंसिल की 31वीं बैठक के दौरान शनिवार को पश्चिम बंगाल ने कहा कि यह दरें घटाने का सही समय नहीं है।
भाजपा शासित असम ने कहा कि विपक्ष के सभी नेता भाषणों में तो कहते हैं कि जीएसटी के 28 फीसदी दायरे को खत्म किया जाना चाहिए, लेकिन काउंसिल की बैठक में दरें घटाने का विरोध करते हैं। इनके बयानों को बैठक के मिनट्स में शामिल किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में इनके भाषणों से तुलना की जा सके।
माने गए फिटमेंट कमेटी के सुझाव : जेटली
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि बैठक में राजस्व और दर घटाने पर चर्चा हुई। फिटमेंट कमेटी के सुझावों को माना गया है। जीएसटी वसूली अपेक्षा से कम रही है। आठ महीने में हर राज्य में वसूली की तुलना की गई। महाराष्ट्र और बंगाल में वसूली अच्छी रही।
कुछ राज्यों में जीएसटी वसूली अच्छी नहीं रही। पिछले साल छह महीने में 30 हजार करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की गई। पिछले साल आठ महीने में 48 हजार करोड़ का मुआवजा दिया गया। इस साल मुआवजे में भी कमी आई है। केरल आपदा सेस लगाने पर विचार किया जा रहा है।
चालू वित्त वर्ष में वसूला 7.76 लाख करोड़ जीएसटी
चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-नवंबर, 2018) के दौरान सरकार को 7.76 लाख करोड़ रुपये जीएसटी की प्राप्ति हुई। बजट 2018-19 में सालाना 13.48 लाख करोड़ रुपये जीएसटी का अनुमान लगाया गया है। पिछले वित्त वर्ष के दौरान हर महीने औसतन 89 हजार करोड़ रुपये जीएसटी प्राप्त हुआ। यह आंकड़ा चालू वित्त वर्ष में बढ़कर 95-96 हजार करोड़ रुपये पहुंच गया है।