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अब एसएमएस से भी दाखिल कर सकेंगे जीएसटी रिटर्न, 20 लाख से ज्यादा कारोबारियों को मिलेगी सुविधा
शिशिर चौरसिया, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 25 Jul 2018 06:49 AM IST
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छोटे कारोबारियों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) रिटर्न भरने में सहूलियत प्रदान करने के लिए सरकार उन्हें मोबाइल फोन द्वारा भेजे गए एसएमएस से भी रिटर्न दाखिल करने की सुविधा देने वाली है। इस तरह की सुविधा मिलने से एक-दो व्यक्ति या परिवार के सदस्यों के सहारे व्यवसाय कर रहे कारोबारियों को जहां आसानी होगी, वहीं उन्हें चार्टर्ड अकाउंटेंट या प्रशिक्षित पेशेवरों के यहां चक्कर लगाने से भी निजात मिलेगी।
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जीएसटी के कामकाज से जुड़े केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, जिन कारोबारियों ने जीएसटीएन नंबर ले लिया है, लेकिन वे पर्याप्त कारोबार नहीं कर पाते, उन्हें एसएमएस से रिटर्न दाखिल करने की सुविधा मिलने वाली है। उनका कहना है कि ऐसे कारोबारी अभी तक शून्य रिटर्न दाखिल कर रहे हैं। हालांकि उनका रिटर्न भले ही शून्य है, लेकिन उन्हें भी नियमानुसार जीएसटीआर1 फॉर्म समय पर दाखिल करना पड़ता है।
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इस समय जीएसटी फॉर्म में सुधार चल रहा है, इसलिए लगे हाथ ऐसे कारोबारियों को भी एसएमएस से रिटर्न दाखिल करने की सुविधा मिल जाएगी। इस समय देशभर में शून्य रिटर्न दाखिल करने वाले कारोबारियों की संख्या 20 लाख से भी ज्यादा है।
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ओटीपी नंबर से दाखिल होगा रिटर्न
इस सुविधा में शून्य रिटर्न दाखिल करने वाले कारोबारियों के लिए एक विशेष नंबर जारी किया जाएगा। उस पर कारोबारी अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से रोमन में शून्य रिटर्न टाइप करके भेजेंगे। उसके बाद जीएसटीएन प्लेटफॉर्म से कारोबारी के मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी नंबर आएगा। वह ओटीपी नंबर डालने के साथ ही रिटर्न दाखिल हो जाएगा।
छोटे व्यापारियों के लिए अलग-अलग फॉर्म
जीएसटी परिषद की बीते शनिवार को हुई 28वीं बैठक में छोटे कारोबारियों को सहूलियत के लिए जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया आसान बनाने के फैसले को भी हरी झंडी मिली है। अब साल में पांच करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए सहज और सुगम फॉर्म अधिसूचित होने वाला है। जो कारोबारी सिर्फ खुदरा काम करते हैं, अर्थात् जिनसे सिर्फ अंतिम उपभोक्ता ही सामान खरीदता है, उन्हें सहज फॉर्म भरना होगा।
जो कारोबारी थोक और खुदरा दोनों काम करते हैं, अर्थात् जिनसे उपभोक्ता और खुदरा विक्रेता दोनों सामान खरीदते हैं, उन्हें सुगम फॉर्म भरना होगा। यही नहीं, पांच करोड़ रुपये का कारोबार करने वालों को अब मासिक के बदले तिमाही रिटर्न भरने का भी विकल्प दिया गया है।
घटेगी परेशानी, बढ़ेगा कारोबार
केंद्रीय वित्त सचिव हसमुख अढिया का कहना है कि रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया सरल किए जाने से छोटे कारोबारियों को काफी राहत मिलेगी। एक या दो व्यक्ति के सहारे कारोबार करने वाले छोटे कारोबारियों को तो जीएसटी के बारे में ज्यादा जानकारी ही नहीं है और ऊपर से उन्हें पेशेवरों ने कुछ ज्यादा ही डरा दिया है। ऐसे में वे मासिक रिटर्न भरने के नियमों के चलते सीए और अकाउंटेंट पर आश्रित हैं। अब वे इनके चक्कर लगाने के बदले कारोबार पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे।