जीएसटी को लेकर मैराथन बहस करना चाहती है सरकार
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सरकार के लिए गले की हड्डी बन चुके जीएसटी बिल को लेकर कुछ अच्छे आसार नजर आ रहे है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक मोदी सरकार इस मानसून सत्र में लंबे समय से लटके पड़े जीएसटी बिल को हर हाल में पास कराना चाहती है।
इस बिल को पास कराने और उसके हर पहलू पर बहस के लिए सरकार की तरफ से राज्य सभा में पांच घंटे बहस का प्रस्ताव भी रखा गया है। इस प्रस्ताव को प्रधानमंत्री ने उम्मीद की किरण बताया है।
उन्होंने कहा कि इस बिल को लेकर सरकार किसी भी तरह की कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती इसलिए इस बिल के सभी पहलूओं को समझाने और विपक्ष के सुझावों को सुनने के लिए ही सरकार ने राज्य सभा में पांच घंटे बहस का प्रस्ताव रखा है।
जीएसटी पर कांग्रेस की मांग को मानने के संकेत
सरकार द्वारा राज्य सभा में पांच घंटे बहस करने की इस योजना को कांग्रेस की मांग को मानने के संकेत के रुप में देखा जा रहा है। बता दे कि राज्य सभा में सरकार के अल्पमत होने के कारण ही जीएसटी अब तक अटका हुआ है।
इस बहस के प्रस्ताव पर वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार सभी विपक्षी दलों के साथ इस बिल के सभी जरूरी और गैर जरूरी पहलूओं पर सभी दलों से एक साथ चर्चा करना चाहती है। जिससे कि बिल की राह में आने वाली सभी उलझनों को सुलझाया जा सके और जल्द से जल्द इसे लागू किया जा सके।
वहीं पांच घंटे की बहस के प्रस्वात पर कांग्रेस नेता आनंद शर्मा का कहना है कि जीएसटी बिल के बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। पार्टी सरकार के साथ निर्णायक बैठक के बाद ही इस विषय पर कुछ कहेगी।