जीआरपी ने पकड़ा इंसास और एके-47 रायफल्स की गोलियों का जखीरा
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यूपी के मुरादाबाद से बिहार ले जाते समय जीआरपी ने वाराणसी कैंट स्टेशन पर कारतूसों का जखीरा बरामद किया है। इंसास रायफल और एके-47 के करीब 1250 कारतूस मिलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। 20 जुलाई से सावन शुरू होने और इतनी भारी मात्रा में कारतूस पकड़े जाने से सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई है। इसके तार बिहार में नक्सलियों से जुड़े होने की आशंका जताई गई है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने कारतूस के साथ सोमवार को ही दो लोगों को हिरासत में लिया था और तभी से पूछताछ कर रही है। हालांकि पुलिस अधिकारी इस बारे में कुछ बताने से कतरा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार एटीएस और एसटीएफ ने भी इन दोनों से पूछताछ की है।
कारतूस बरामद होने के बाद पुलिस की दो टीमें बिहार और मुरादाबाद के लिए रवाना कर दी गई हैं। इसके अलावा चंदौली और मुगलसराय सहित आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर पुलिस छापेमारी कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि कारतूसों की खेप नक्सलियों तक पहुंचाने की पूरी तैयारी थी लेकिन पुलिस की सक्रियता से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके।
जीआरपी ने एक को उठाया
पुलिस विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार आरा निवासी सीआरपीएफ का जवान ने अपने भतीजे और एक सहयोगी को कारतूस लेने के लिए भेजा था। पकड़े गए लोगों का कहना है कि मुरादाबाद में उन्हें इसकी सप्लाई दी गई। इसकेबाद वह पंजाब मेल से लौट रहे थे। सटीक सूचना पर जीआरपी ने वाराणसी स्टेशन पर दबोच लिया गया।
आशंका यह भी जताई जा रही है कि रामपुर स्थित सीआरपीएफ बटालियन से यह कारतूस सप्लाई हुई होगी। जीआरपी जांच में जुटी हुई है। एसटीएफ से भी इसमें मदद मांगी गई है। आरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी के चालक को वाराणसी जीआरपी और एसटीएफ की टीम गुरुवार की दोपहर उठा ले गई। कारतूस के साथ पकड़ा गया एक आरोपी चालक का रिश्तेदार बताया जा रहा है।
पूछताछ के लिए पुलिस ने चालक को उसके क्वार्टर से उठाया है। यह खेप मुरादाबाद से बिहार के मुंगेर तक पहुंचाने के लिए दी गयी थी। आरोपियों ने मुरादाबाद स्थित एक व्यक्ति का नाम बताया, जिसका रिकार्ड खंगाला गया तो पुलिस को जानकारी हुई कि उस व्यक्ति की वार्ता मुगलसराय आरपीएफ में तैनात एक चालक से हो रही है।