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ISRO: 'जापान और यूरोपीय एजेंसियां हमारे स्पेस मिशन को लेकर उत्साहित', अंतरिक्ष दिवस पर बोले शुभांशु शुक्ला
Sat, 23 Aug 2025 11:14 AM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Sat, 23 Aug 2025 11:14 AM IST
सार
नई दिल्ली के भारत मंडपम में दूसरे राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। इस कार्यक्रम में ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला शामिल हुए। कार्यक्रम में इसरो चेयरमैन ने भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की उपलब्धियां बताईं।
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अंतरिक्ष दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला।
- फोटो : ANI/वीडियो ग्रैब
विस्तार
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर भारत मंडपम में कार्यक्रम का आयोजन किया। द्वितीय अंतरिक्ष दिवस कार्यक्रम में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्लाख् केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह और इसरो अध्यक्ष वी नारायणन ने भाग लिया।
अंतरिक्ष दिवस कार्यक्रम में भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने कहा कि मैं बहुत उत्साहित हूं कि हम क्या करने की योजना बना रहे हैं। दो साल पहले हमारे पास यह उत्साह नहीं था। एक साल के अंदर हम यह उत्साह कायम करने में कामयाब रहे हैं। हमारे पास आगे बढ़ने के लिए कई बड़ी महत्वाकांक्षाएं हैं। जैसे गगनयान मिशन, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और चंद्रमा पर उतरना। इसके लिए यहां बैठे सभी बच्चों को उत्साहित होना चाहिए। हमें आपकी जरूरत है।
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उन्होंने कहा कि बड़ी और साहसिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हमें पूरे देश के संसाधनों की आवश्यकता है। यह उत्साह जो मैं यहां देख रहा हूं, वह इस हॉल तक सीमित नहीं है। भारत के लिए यह उत्साह पूरी दुनिया में मौजूद है। जापानी और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसियां हमारे मिशन को लेकर बहुत अधिक उत्साहित हैं। जहां तक अंतरिक्ष अन्वेषण का सवाल है, यह हमारे देश के लिए स्वर्णिम काल है।
इसरो अध्यक्ष ने कहा कि एक बड़ी उपलब्धि हमारे एक गगनयात्री को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर भेजना है। इसके लिए एक बार फिर प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद देना चाहिए। यह उनका ही विचार था कि अपने रॉकेट के जरिये किसी गगनयात्री को अंतरिक्ष में भेजने से पहले हमें उनमें से एक यात्री को आईएसएस पर भेजना चाहिए। उनके इसी विजन के चलते आज हमें बड़ी सफलता मिली। शुभांशु शुक्ला आईएसएस गए और सकुशल वापस आ गए। उनके तीन सहयोगियों को भुलाया नहीं जा सकता। हमारे चार गगनयात्री हैं। मैं कहता था कि चारों लोग हमारे लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। आखिरकार केवल एक व्यक्ति को ही यह अवसर मिला।
इसरो चेयरमैन ने कहा कि हम चंद्रयान-4 मिशन शुरू करने जा रहे हैं। हम वीनस ऑर्बिटर मिशन शुरू करने जा रहे हैं। 2035 तक भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन होगा और 2028 तक पहला मॉड्यूल लॉन्च किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने NGL (नेक्स्ट जेनरेशन लॉन्चर) को मंजूरी दे दी है। 2040 तक भारत चंद्रमा पर उतरेगा और हम उसे सुरक्षित वापस लाएंगे। 2040 तक भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम दुनिया के किसी भी अन्य अंतरिक्ष कार्यक्रम के बराबर होगा।
अंतरिक्ष के बारे में लोगों का ज्ञान बढ़ाने की कोशिश
इसरो के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के निदेशक नीलेश एम देसाई ने कहा कि 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान 3 का लैंडर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक उतरा था। इसलिए इसकी याद में पीएम मोदी ने राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाने की घोषणा की थी। आज हम दूसरा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मना रहे हैं। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हैं। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष के बारे में लोगों का ज्ञान बढ़ाना और उन्हें अंतरिक्ष में भारत द्वारा प्राप्त सफलताओं से प्रेरणा लेना है। भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की एक विशेषता यह रही है कि हमारे ग्रह अन्वेषण कार्यक्रम में हमने पहले परीक्षण में सफलता प्राप्त की है। केवल चंद्रयान 2 के दौरान ही हमने उतरने की कोशिश की थी, लेकिन हम असफल रहे। चंद्रयान-3 23 अगस्त 2023 को सफलतापूर्वक उतरा और भारत दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला दुनिया का पहला देश बन गया।
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#WATCH | Delhi: Group Captain Shubhanshu Shukla says, "I am so excited to you all so excited about what we are planning to do... Two years ago we did not have this celebration. Within one year, this is the excitement we have managed to build. We have some very big ambitions going… pic.twitter.com/QbV7x3qZSV
— ANI (@ANI) August 23, 2025
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अंतरिक्ष दिवस कार्यक्रम में भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने कहा कि मैं बहुत उत्साहित हूं कि हम क्या करने की योजना बना रहे हैं। दो साल पहले हमारे पास यह उत्साह नहीं था। एक साल के अंदर हम यह उत्साह कायम करने में कामयाब रहे हैं। हमारे पास आगे बढ़ने के लिए कई बड़ी महत्वाकांक्षाएं हैं। जैसे गगनयान मिशन, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और चंद्रमा पर उतरना। इसके लिए यहां बैठे सभी बच्चों को उत्साहित होना चाहिए। हमें आपकी जरूरत है।
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उन्होंने कहा कि बड़ी और साहसिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हमें पूरे देश के संसाधनों की आवश्यकता है। यह उत्साह जो मैं यहां देख रहा हूं, वह इस हॉल तक सीमित नहीं है। भारत के लिए यह उत्साह पूरी दुनिया में मौजूद है। जापानी और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसियां हमारे मिशन को लेकर बहुत अधिक उत्साहित हैं। जहां तक अंतरिक्ष अन्वेषण का सवाल है, यह हमारे देश के लिए स्वर्णिम काल है।
इससे पहले कार्यक्रम में इसरो अध्यक्ष वी नारायणन ने कहा कि राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के लिए कुछ लोगों को धन्यवाद देना चाहिए। 23 अगस्त 2023 एक ऐतिहासिक दिन था। भारत ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास चंद्रयान-3 की सफलतापूर्वक लैंडिंग कराई। हम ऐसा करने वाले एकमात्र देश हैं। भारत के प्रधानमंत्री एक दूरदर्शी नेता हैं और हमारे मंत्री ने हमें अंतरिक्ष गतिविधियों को अंजाम देने के लिए दिशानिर्देश दिए। उन्होंने ही चंद्रयान-3 के लैंडिंग स्थल का नाम 'शिव शक्ति' प्वाइंट रखा। उन्होंने 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में भी घोषित किया।#WATCH | Delhi: Group Captain Shubhanshu Shukla attends the 2nd National Space Day program organised by ISRO at Bharat Mandapam, with Union Minister of Science and Technology Jitendra Singh and ISRO Chairman V. Narayanan. pic.twitter.com/LkRRxiCC1C
— ANI (@ANI) August 23, 2025
इसरो अध्यक्ष ने कहा कि एक बड़ी उपलब्धि हमारे एक गगनयात्री को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर भेजना है। इसके लिए एक बार फिर प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद देना चाहिए। यह उनका ही विचार था कि अपने रॉकेट के जरिये किसी गगनयात्री को अंतरिक्ष में भेजने से पहले हमें उनमें से एक यात्री को आईएसएस पर भेजना चाहिए। उनके इसी विजन के चलते आज हमें बड़ी सफलता मिली। शुभांशु शुक्ला आईएसएस गए और सकुशल वापस आ गए। उनके तीन सहयोगियों को भुलाया नहीं जा सकता। हमारे चार गगनयात्री हैं। मैं कहता था कि चारों लोग हमारे लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। आखिरकार केवल एक व्यक्ति को ही यह अवसर मिला।
इसरो चेयरमैन ने कहा कि हम चंद्रयान-4 मिशन शुरू करने जा रहे हैं। हम वीनस ऑर्बिटर मिशन शुरू करने जा रहे हैं। 2035 तक भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन होगा और 2028 तक पहला मॉड्यूल लॉन्च किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने NGL (नेक्स्ट जेनरेशन लॉन्चर) को मंजूरी दे दी है। 2040 तक भारत चंद्रमा पर उतरेगा और हम उसे सुरक्षित वापस लाएंगे। 2040 तक भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम दुनिया के किसी भी अन्य अंतरिक्ष कार्यक्रम के बराबर होगा।
अंतरिक्ष के बारे में लोगों का ज्ञान बढ़ाने की कोशिश
इसरो के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के निदेशक नीलेश एम देसाई ने कहा कि 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान 3 का लैंडर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक उतरा था। इसलिए इसकी याद में पीएम मोदी ने राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाने की घोषणा की थी। आज हम दूसरा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मना रहे हैं। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हैं। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष के बारे में लोगों का ज्ञान बढ़ाना और उन्हें अंतरिक्ष में भारत द्वारा प्राप्त सफलताओं से प्रेरणा लेना है। भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की एक विशेषता यह रही है कि हमारे ग्रह अन्वेषण कार्यक्रम में हमने पहले परीक्षण में सफलता प्राप्त की है। केवल चंद्रयान 2 के दौरान ही हमने उतरने की कोशिश की थी, लेकिन हम असफल रहे। चंद्रयान-3 23 अगस्त 2023 को सफलतापूर्वक उतरा और भारत दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला दुनिया का पहला देश बन गया।