फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ground report on karnataka opration save MLA

ग्राउंड रिपोर्ट: कर्नाटक में 'ऑपरेशन MLA बचाओ' की हकीकत

Fri, 18 May 2018 06:25 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Fri, 18 May 2018 06:25 PM IST
विज्ञापन
ground report on karnataka opration save MLA
Karnataka Election 2018
कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा मुख्यमंत्री बनते ही कुछ अफसरों के तबादले कर चुके हैं लेकिन लक्ष्य विधानसभा में होने वाले फ्लोर टेस्ट पर है। उसी फ्लोर टेस्ट के पहले अपने विधायकों को 'बचा' कर रखने में जुटी है कांग्रेस पार्टी और जनता दल (सेक्यूलर)।
विज्ञापन


इस डर से कि विधायक हाथ से न निकल जाएं। इसलिए दोनों दलों ने अपने विधायकों को बेंगलुरु से बाहर हैदराबाद भेज दिया है। जरा गौर कीजिए कि दोनों दलों ने ऐसा करने के पहले कितना 'माहौल बनाया' जिससे मीडिया को इसकी भनक न लगे।
विज्ञापन




निजी सुरक्षा और बाउंसर्स

गुरुवार दोपहर में कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को एयरकंडीशन बसों में विधानसभा लाया गया था जिससे वे शपथ ग्रहण के विरोध प्रदर्शन में शामिल हों। इसके बाद दो बजे के करीब कांग्रेस विधायक, बेंगलुरु-मैसूर रोड पर ईगलटन रिसॉर्ट भेज दिए गए। जेडीएस के विधायक शहर के नामचीन शांगरी-ला होटल में भेज दिए गए। खास बात ये है कि दोनों जगहों पर पार्टियों ने प्राइवेट सिक्योरिटी और बाउंसर्स तक तैनात कर रखे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


चैन की सांस

लेकिन खलबली तब मची जब कांग्रेस के एक विधायक बिना किसी को बताए अपनी गाड़ी में बैठे और रिसॉर्ट से शहर की तरफ चल दिए। कांग्रेस खेमे में हड़कंप मच गया क्योंकि पहले से ही एक विधायक आनंद सिंह के 'लापता' रहने से झटका लगा था।

हालांकि डेढ़ घंटे बाद पता चला कि विधायक को बुख़ार आ गया था और वे अपने निजी डॉक्टर के पास गए थे। उनके रिसॉर्ट लौटने से कांग्रेस पार्टी ने चैन की सांस ली। इधर रिसॉर्ट पर विधायकों के परिवारवालों ने दस्तक देनी शुरू कर दी थी। शाम 6 बजे हमारे सामने एक विधायक के भतीजे एक आलीशान गाड़ी में बैठ रिसॉर्ट के एक गेट पर पहुंचे।

'अनजाने' से दिख रहे थे

ground report on karnataka opration save MLA
Karnataka Election Result
प्राइवेट गार्ड्स ने उन्हें भीतर जाने से रोका और इसे लेकर लंबी कहासुनी भी हुई। रिसॉर्ट एक बाहर कुछ ऐसे लोग भी दिखने लगे जो 'अनजाने' से दिख रहे थे। एक गार्ड ने कहा, "ये दूसरे खेमे के लगते हैं। यहाँ की टोह ले रहे हैं"। अब तक कांग्रेस ये मन बना चुकी थी कि विधायकों को बेंगलुरु ही नहीं प्रदेश में रखना घातक साबित हो सकता है।

देर शाम ये खबर उड़वा दी गई कि विधायक कोच्चि भेजे जा रहे हैं। तीन प्राइवेट चार्टर्ड प्लेनों के आने की ख़बर भी उड़ रही थी कि प्लेन विधायकों को ले जाने के लिए आ रहे हैं। लेकिन जानकारों के मुताबिक हकीकत यही थी कि दरअसल विधायकों को बस से ही रवाना करना था।

कहाँ से कहाँ तक
बसों ने चलना शुरू किया पुडुचेरी की तरफ्, लेकिन कुछ देर बाद उन्हें हैदराबाद की तरफ् मोड़ दिया गया। इस बीच बेंगलुरु में जेडीएस विधायकों को शांगरी-ला होटल में दो बड़ी बसों में बैठाया गया और उन्हें कोच्चि के रास्ते पर रवाना कर दिया। बस में बैठे एक विधायक ने बीबीसी से बताया कि उन्हें भी पता था कि वे कोच्चि जा रहे हैं। लेकिन रातोंरात बस को हैदराबाद की तरफ मोड़ दिया गया।

उन्होंने कहा, "अब हम हैदराबाद में हैं और उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट विधान सभा में फ््लोर टेस्ट के लिए दी गई 15 दिन की समय सीमा को घटायेगा। इससे हमारा तनाव भी कम होगा"।

फिलहाल दोनों पार्टियों के विधायक कर्नाटक से बाहर पहुंचा दिए गए हैं। जबकि भारतीय जनता पार्टी ने 'हॉर्स-ट्रेडिंग' जैसी किसी चीज से इनकार करते हुए दोनों पार्टियों पर अपने विधायकों को 'दबा कर रखने' का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed