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IT Rules: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, आईटी नियम से किसी की आजादी का अतिक्रमण नहीं
Wed, 20 Jul 2022 09:54 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 20 Jul 2022 09:54 PM IST
सार
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि आईटी नियम में शिकायत तंत्र सब कुछ संतुलित करता है और यह किसी भी स्वतंत्रता का अतिक्रमण नहीं करता है।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : Social media
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विस्तार
केंद्र ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत शिकायत निवारण तंत्र सब कुछ संतुलित करता है और किसी भी स्वतंत्रता का अतिक्रमण नहीं करता है। केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि 2021 के नियमों का नियम 9 संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत स्वतंत्रता दी जाती है और उपयोगकर्ताओं को भी सुरक्षा दी जाती है।
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नियम 9 संहिता के पालन से संबंधित है। मेहता ने पीठ को बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले साल 2021 के नियमों के नियम 9 के संचालन पर रोक लगा दी थी। मेहता ने कहा, शिकायत तंत्र सब कुछ संतुलित करता है और यह किसी भी स्वतंत्रता का अतिक्रमण नहीं करता है।
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पीठ ने मामले की सुनवाई 27 जुलाई तय की है और कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ केंद्र द्वारा दायर याचिका पर दो चीजें की जा सकती हैं। पीठ ने कहा कि या तो हम उनसे सहमत हैं और आदेश पर रोक लगाते हैं और दूसरी बात रिट याचिका को यहां स्थानांतरित करना है।
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सुनवाई के दौरान, शीर्ष अदालत ने कुछ याचिकाओं का भी निपटारा किया, जिनमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को विनियमित करने के लिए एक अलग कानून बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने की मांग भी शामिल है। पीठ ने कहा कि मेहता ने कहा है कि आईटी नियम 2021 और केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 लागू हो गए हैं। इन दलीलों का निपटारा करते हुए पीठ ने याचिकाकर्ता को उचित उपाय का सहारा लेने की स्वतंत्रता दी।