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Kisan Andolan: दिल्ली पुलिस की एफआईआर के बाद बोलीं ग्रेटा थनबर्ग- मैं अब भी हूं किसानों के साथ
Fri, 05 Feb 2021 10:13 AM IST
स्नेहा बलूनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्नेहा बलूनी
Updated Fri, 05 Feb 2021 10:13 AM IST
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Greta Thunberg: ग्रेटा थनबर्ग (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। इसके बाद ट्वीट कर उन्होंने कहा कि कोई भी धमकी मुझे डिगा नहीं सकती। मैं अब भी किसानों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का समर्थन करती हूं। उनके भड़काऊ ट्वीट को लेकर दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ धारा- 153 ए, 120 बी के तहत एफआईआर दर्ज की है।
स्वीडन की ग्रेटा थनबर्ग ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा, 'मैं अभी भी किसानों के साथ खड़ी हूं और उनके शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का समर्थन करती हूं। नफरत, धमकी या मानवाधिकारों के उल्लंघन की किसी भी कोशिश से यह नहीं बदलेगा।' वहीं दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ कई ट्वीट्स पर संज्ञान लिया है, जिन्हें भड़काऊ करार दिया जा रहा है।
इससे पहले बुधवार को ग्रेटा ने एक खबर का लिंक साझा किया था और कहा था, 'हम भारत में किसान आंदोलन के साथ एकजुटता से खड़े हैं।' इसके साथ ही उन्होंने ट्विटर पर एक टूलकिट साझा की थी। यह टूलकिट यूजर्स को प्रदर्शन के समर्थन के तरीकों की विस्तृत जानकारी वाले दस्तावेज तक पहुंच उपलब्ध करवा रहा था। हालांकि बाद में उन्होंने टूलकिट वाले ट्वीट को डिलीट कर दिया और फिर एक अन्य टूलकिट जारी किया।
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कौन हैं ग्रेटा थनबर्ग
ग्रेटा थनबर्ग एक पर्यावरण कार्यकर्ता हैं। उन्हें जलवायु संकट के खिलाफ लड़ाई में सबसे अग्रणी वक्ता के तौर पर जाना जाता है। कई बार अपने भाषणों से ग्रेटा ने लोगों का दिल जीता है। इसके अलावा अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ ट्विटर वॉर को लेकर वह सुर्खियों में रही थीं। दिसंबर 2020 में उन्हें प्रतिष्ठित टाइम मैग्जीन ने 2019 का 'पर्सन ऑफ द ईयर' चुना था। वे जलवायु को लेकर केवल नीति बनाने और काम न करने वाली हर सरकारों की आलोचना करती हैं।
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स्वीडन की ग्रेटा थनबर्ग ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा, 'मैं अभी भी किसानों के साथ खड़ी हूं और उनके शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का समर्थन करती हूं। नफरत, धमकी या मानवाधिकारों के उल्लंघन की किसी भी कोशिश से यह नहीं बदलेगा।' वहीं दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ कई ट्वीट्स पर संज्ञान लिया है, जिन्हें भड़काऊ करार दिया जा रहा है।
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इससे पहले बुधवार को ग्रेटा ने एक खबर का लिंक साझा किया था और कहा था, 'हम भारत में किसान आंदोलन के साथ एकजुटता से खड़े हैं।' इसके साथ ही उन्होंने ट्विटर पर एक टूलकिट साझा की थी। यह टूलकिट यूजर्स को प्रदर्शन के समर्थन के तरीकों की विस्तृत जानकारी वाले दस्तावेज तक पहुंच उपलब्ध करवा रहा था। हालांकि बाद में उन्होंने टूलकिट वाले ट्वीट को डिलीट कर दिया और फिर एक अन्य टूलकिट जारी किया।
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कौन हैं ग्रेटा थनबर्ग
ग्रेटा थनबर्ग एक पर्यावरण कार्यकर्ता हैं। उन्हें जलवायु संकट के खिलाफ लड़ाई में सबसे अग्रणी वक्ता के तौर पर जाना जाता है। कई बार अपने भाषणों से ग्रेटा ने लोगों का दिल जीता है। इसके अलावा अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ ट्विटर वॉर को लेकर वह सुर्खियों में रही थीं। दिसंबर 2020 में उन्हें प्रतिष्ठित टाइम मैग्जीन ने 2019 का 'पर्सन ऑफ द ईयर' चुना था। वे जलवायु को लेकर केवल नीति बनाने और काम न करने वाली हर सरकारों की आलोचना करती हैं।