{"_id":"5fce1aa30e7ba158011056a1","slug":"gramin-ujala-scheme-may-start-next-month-60-crore-led-bulbs-to-be-distributed-in-villages","type":"story","status":"publish","title_hn":"अगले महीने शुरू होगी ग्रामीण उजाला योजना, गांवों में बांटे जाएंगे 60 करोड़ एलईडी बल्ब","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अगले महीने शुरू होगी ग्रामीण उजाला योजना, गांवों में बांटे जाएंगे 60 करोड़ एलईडी बल्ब
Mon, 07 Dec 2020 05:35 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Mon, 07 Dec 2020 05:35 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश के ग्रामीण इलाकों में बिजली खपत को कम करने के लिए केंद्र सरकार की 'ग्रामीण उजाला योजना' की शुरुआत अगले महीने से हो सकती है। योजना से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि. (ईईएसएल) अगले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी समेत देश के पांच शहरों के ग्रामीण इलाकों से ग्रामीण उजाला नाम से नया कार्यक्रम शुरू करेगी।
विज्ञापन
चरणबद्ध तरीके से लागू की जाने वाली इस योजना के तहत गांवों में प्रति परिवार 10-10 रुपये प्रति बल्ब की दर से तीन से चार एलईडी बल्ब वितरित किए जाएंगे। सूत्र ने कहा, 'ग्रामीण उजाला योजना नाम से कार्यक्रम अगले महीने जनवरी 2021 के दूसरे सप्ताह से शुरू हो सकता है। इसके तहत लगभग 15 से 20 करोड़ ग्रामीण परिवार के बीच 60 करोड़ एलईडी बल्ब वितरित किए जाने की योजना है।'
विज्ञापन
सूत्र ने बताया कि योजना चरणबद्ध तरीके से लागू होगी। शुरू में इसे उत्तर प्रदेश के वाराणसी (प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र), बिहार के आरा, महाराष्ट्र के नागपुर, गुजरात के वडनगर और आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू किया जाएगा। अप्रैल तक पूरे देश में लागू करने की योजना है। इसके तहत 10 रुपये प्रति एलईडी की दर से 15 से 20 करोड़ परिवार को 3-4 बल्ब दिए जाने का लक्ष्य है।
विज्ञापन
बिजली मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले उपक्रमों; एनटीपीसी, पीएफसी, आरईसी और पावरग्रिड; की संयुक्त उद्यम कंपनी अभी उजाला कार्यक्रम के तहत 70 रुपये प्रति बल्ब की दर से 36.50 करोड़ से अधिक एलईडी बल्ब का वितरण कर चुकी है लेकिन इसमें से 20 फीसदी बल्ब ही ग्रामीण क्षेत्रों में वितरित हो पाए हैं।
ग्रामीण उजाला कार्यक्रम के लाभ के बारे में सूत्र ने कहा, 'इस योजना के लागू होने से करीब 9324 करोड़ यूनिट सालाना बचत होगी जबकि 7.65 करोड़ टन सालाना कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।' सूत्र के अनुसार इस कार्यक्रम के लिए केंद्र या राज्य सरकारों से कोई सब्सिडी नहीं ली जाएगी और जो भी खर्च होगा, वह ईईएसएल स्वयं वहन करेगी। कार्बन ट्रेडिंग के माध्यम से लागत की वसूली की जाएगी।
सूत्र ने कहा कि इस योजना से ऊर्जा बचत के रूप में करीब 50,000 करोड़ रुपये सालाना बचत का अनुमान है। सूत्र ने कहा कि इससे जहां लोगों की बिजली बिल के रूप में पैसे की बचत होगी वहीं एक सतत और बेहतर जीवन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही एलईडी बल्ब की मांग बढ़ने से निवेश भी बढ़ेगा।
ईईएसएल ने उजाला कार्यक्रम के अंतर्गत एलईडी बल्ब के अलावा ट्यूबलाइट और ऊर्जा दक्ष पंखों का भी वितरण किया है। इसके प्रमुख कार्यक्रमों में उजाला के अलावा एसएलएनपी (स्ट्रीट लाइटिंग नेशनल प्रोग्राम), स्मार्ट मीटर, इलेक्ट्रिक व्हीकल, ईवी चार्जिंग ढांचागत सुविधा आदि शामिल हैं।