टूरिस्ट हब बनेगा बुंदेलखंड: महेश शर्मा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. महेश शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार बुंदेलखंड को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने को लेकर गंभीर है। पर्यटन मंत्रालय झांसी की रानी पर आधारित लाइट एंड लेजर शो तैयार करा रहा है, वहीं झांसी, दतिया व ओरछा को जोड़कर प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है।
जल्द ही इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगेंगे। शनिवार को भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में हिस्सा लेने झांसी आए केंद्रीय पर्यटन ने अमर उजाला से हुई खास बातचीत में कहा कि बुंदेलखंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। क्षेत्र के पर्यटन को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान नहीं मिल पाई है। लेकिन, अब इसे पर्यटन हब बनाने की तैयारी है।
उन्होंने कहा कि वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई को पूरे देश में जाना जाता है। झांसी के पर्यटन को रानी की थीम से जोड़ने की योजना है। इसके लिए पर्यटन मंत्रालय लाइट एंड लेजर शो तैयार कर रहा है, जिसका प्रदर्शन रानी के किले के आसपास किया जाएगा।
यह पर्यटकों का ध्यान इस ओर खींचने में महत्वपूर्ण साबित होगा। इसके अलावा झांसी व आसपास के धार्मिक स्थल दतिया व ओरछा को जोड़कर धार्मिक पर्यटन प्रोजेक्ट भी बनाया जा रहा है। इसमें वह स्थान भी शामिल किए जाएंगे, जिनकी ऐतिहासिक व धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के बाद भी अलग पहचान नहीं बन पाई है।
देश भक्तों की धरा पर पहुंचेंगे मंत्री
साथ ही रानी की गौरव गाथा पर आधारित टूरिस्ट सर्किट भी जल्द ही धरातल पर उतरेगा। उन्होंने बताया कि पर्यटन मंत्रालय देश में तीन धार्मिक टूरिस्ट सर्किट विकसित करने पर काम कर रहा है। महाभारत सर्किट व बुद्ध सर्किट पर डेढ़-डेढ़ सौ करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। जबकि, रामायण सर्किट में बुंदेलखंड के चित्रकूट को शामिल किया गया है।
इस पर दो सौ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पर्यटन मंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में बुंदेलखंड देश का बड़ा टूरिस्ट हब बनेगा, इससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। डा. महेश शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार पेट्रिओटिक टूरिज्म को भी बढ़ावा दे रही है।
इसके तहत देश के 200 ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं, जो देश भक्ति के नाम से जाने जाते हैं। योजना के तहत केंद्र सरकार के सभी मंत्री उक्त में से कम से कम दो जगहों पर जाएंगे। वहां का भ्रमण कर रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे। रिपोर्ट के आधार पर इन क्षेत्रों का विकास किया जाएगा।