फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Govt planning to run special trains for migrant workers after may 4

चार मई के बाद चलेगी ट्रेन! दो मंत्रालय बना रहे खास रणनीति, स्पेशल पैसेंजर ट्रेन में सवार होंगे ये लोग

Fri, 01 May 2020 04:45 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 01 May 2020 04:45 PM IST
सार

  • कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने की ट्रेन की मांग, बोले- बसों से लंबी दूरी की यात्रा संभव नहीं
  • शुरू में करीब छह सौ पैसेंजर ट्रेन लंबी दूरी वाले रूटों पर चलाई जाएंगी
  • गाड़ियों का ठहराव कोरोना के रेड जोन स्थित स्टेशनों पर नहीं होगा

विज्ञापन
Govt planning to run special trains for migrant workers after may 4
Special Train - फोटो : File Photo

विस्तार

लॉकडाउन के चलते विभिन्न राज्यों में फंसे मजदूरों, छात्रों और पर्यटकों को निकालने के लिए अब केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। छात्रों और पर्यटकों को तो बसों के जरिए लाया जा रहा है, मगर मजदूरों की समस्या अभी बनी हुई है। आधा दर्जन प्रदेशों के मुख्यमंत्री भी अब इन मजदूरों को लाने के लिए ट्रेन शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन


इनका कहना है कि बसों के जरिए सभी मजदूरों को लाना संभव नहीं है। इसी के मद्देनजर शुक्रवार को हैदराबाद से झारखंड के हटिया तक मजदूरों को पहुंचाने के लिए विशेष ट्रेन चलाई गई। इसके बाद अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी अपने-अपने राज्यों के प्रवासी मजदूरों के लिए विशेष ट्रेन चलाने की मांग तेज कर दी है।

विज्ञापन

 

इन सबके बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय और रेल मंत्रालय के अधिकारी, एक खास रणनीति बनाने में जुट गए हैं। सूत्रों के अनुसार, चार मई के बाद ट्रेन रूट और प्लान लोगों के सामने आने की प्रबल संभावना है।

विज्ञापन
विज्ञापन


मजदूरों को लाने के लिए लंबी दूरी के रूट पर स्पेशल पैसेंजर ट्रेन चल सकती हैं। इन गाड़ियों में वे डिब्बे लगे होंगे, जिन्हें लोकल रूट पर डेली पैसेंजर ट्रेनों में लगाया जाता है।

कई राज्यों के मुख्यमंत्री कर रहे हैं ट्रेन चलाने की मांग

पंजाब, महाराष्ट्र, बिहार, तेलंगाना, केरल और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों की ओर से यह मांग आई कि लॉकडाउन में फंसे लाखों मजदूरों को बसों में लाना मुमकिन नहीं है। खासतौर पर, लंबी दूरी के रूट पर तो यह किसी भी तरह संभव नहीं है।

इस आपाधापी में कोरोना का संक्रमण फैलने का खतरा बना रहेगा। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के अनुसार, लाखों मजदूरों एवं दूसरे लोगों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार को ट्रेनों का संचालन शुरू करना होगा।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, तेलंगाना के सीएम केसीआर और केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन भी यही मांग उठा चुके हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी यही मांग कर चुके हैं।

गृह मंत्रालय और रेल मंत्रालय बना रहा है ये रणनीति

सूत्रों के मुताबिक, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने प्रदेशों के मजदूरों, छात्रों और अन्य लोगों को लाने के लिए केंद्र को एक सूची सौंपी हैं। इसमें उन जिलों का जिक्र है, जहां पर वे लोग फंसे हैं। इसी आधार पर अब केंद्रीय गृह मंत्रालय और रेल मंत्रालय, गाड़ियां चलाने की योजना बना रहा है।

शुरू में करीब छह सौ पैसेंजर ट्रेन लंबी दूरी वाले रूटों पर चलाई जाएंगी। ये ऐसी गाड़ियां हैं, जो लोकल रूट पर चलती हैं। इन गाड़ियों का ठहराव कोरोना के रेड जोन में स्थित स्टेशनों पर नहीं होगा।

उत्तर रेलवे की परिचालन शाखा के एक अधिकारी के अनुसार, अभी जो रणनीति बन रही है, उसमें कई रूटों पर गाड़ियां चलाने का प्लान तैयार हो रहा है।

हो सकता है कि कुछ रूट ऐसे रखे जायें, जहां पर एक स्टेशन से चलने के बाद गाड़ी अंतिम स्टेशन पर ही रूकेगी। कई राज्यों में यह व्यवस्था बनाई जा रही है कि वहां किसी स्टेशन के चारों तरफ यदि सात-आठ जिले ग्रीन जोन में आते हैं, तो वहां गाड़ी का ठहराव दिया जा सकता है।

महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान और केरल के मुख्यमंत्रियों ने प्रवासी श्रमिकों को लाने के लिए लंबी दूरी की ट्रेन चलाने की मांग की है। रेल मंत्रालय इस पर विचार कर रहा है। दूसरे चरण में चुनींदा रूटों पर गैर-एसी रेलगाड़ियां सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए चलाई जाएंगी। यह चरण भी मई में शुरू हो सकता है।

आइसोलेशन वार्ड में बदले गए 5000 डिब्बे

रेलवे के एक अधिकारी का कहना है कि कोरोना की लड़ाई में पांच हजार से अधिक कोचों को आइसोलेशन वार्ड में तबदील किया गया है। इनमें 80 हजार लोगों को क्वारंटीन किया जा सकता है।

स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह पर अब 15 हजार से अधिक नए कोच तैयार करने के लिए कहा गया है। ऐसे में रेलवे को ट्रेनों की कमी खल रही है। यह अलग बात है कि आपातस्थिति से निपटने के लिए तैयार किए गए आइसोलेशन वार्ड का इस्तेमाल अभी तक नहीं हुआ है।



जब अस्पताल एवं दूसरे संगठनों के क्वारंटीन सेंटर फुल होंगे, तभी रेलवे के आइसोलेशन वार्ड का इस्तेमाल किया जाएगा। दूसरी ओर एसी गाड़ियों को नॉन एसी बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है। इस गर्मी के सीजन में अधिकांश गाड़ियां नॉन-एसी रहेंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed