भारत सरकार ने म्यांमार में बंधक बनाए गए पांच नागरिकों को कराया रिहा
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भारत सरकार ने मंगलवार को कहा कि उसके सही समय पर किए गए हस्तक्षेप से म्यामांर के रखाइन प्रांत में एक विद्रोही नस्ली समूह द्वारा बंधक बनाए गए पांच भारतीयों और एक सांसद समेत म्यामांर के पांच नागरिकों को छुड़ाया जा सका।
गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि म्यामांर के एक सांसद, दो स्थानीय ट्रांसपोर्टरों और दो समुद्री नौका परिचालकों के साथ पांच भारतीयों को अराकान सेना ने रविवार को बंधक बना लिया था। ये लोग चिन राज्य के पलेटवा से रखाइन प्रांत के क्यायुक्ता जा रहे थे।
सरकार ने कहा कि म्यांमार में तीन नवंबर को पांच भारतीय नागरिकों सहित म्यांमार के सांसद, दो स्थानीय ट्रांसपोर्टर्स और दो समुद्री नौका परिचालकों को अराकान आर्मी (विद्रोही समूह) ने पलेटवा से क्योक्तो जाते समय अपहरण कर लिया था।
भारत सरकार ने बताया कि एक भारतीय नागरिक की अराकान आर्मी की हिरासत में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई है। रिहा कराए गए भारतीय नागरिकों सहित मृतक का शव सित्तवे (म्यांमार) पहुंच गया है और वह भारत पहुंचने के लिए आज यांगोन से रवाना होंगे।
Govt of India: However, one of the Indian nationals died in custody of Arakan Army due to heart attack. The released Indian nationals, along with the body of the deceased, have reached Sittwe (Myanmar) and will be leaving for Yangon ( Myanmar) today for onward journey to India https://t.co/gWnZPQxsfx
— ANI (@ANI) November 5, 2019
बंधक बनाए गए भारतीय म्यामांर में कलादान सड़क परियोजना में काम कर रहे थे। बयान में कहा गया, 'बंधन बनाए गए पांच भारतीयों, म्यामां के एक सांसद और चार अन्य म्यामां नागरिकों की अराकान सेना से छुड़ाने के लिए भारत सरकार ने सही समय पर हस्तक्षेप किया।'
अराकान सेना की हिरासत में दिल का दौरा पड़ने से एक भारतीय की मौत हो गई। उपलब्ध सूचना के अनुसार उसे लंबे समय से मधुमेह की बीमारी थी। अराकान सेना रखाइन स्थित एक विद्रोही समूह है, जिसे यूनाइटेड लीग ऑफ अराकान (यूएलए) की सशस्त्र इकाई के रूप में स्थापित किया गया है।