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जेटली ने स्वामी के वार से अरविंद सुब्रमणयम को बचाया
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 22 Jun 2016 04:22 PM IST
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अरूण जेटली ने मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रामण्यम का बचाव करते हुए कहा कि उनके ऊपर सरकार को पूरा विश्वास
- फोटो : Agency
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केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रामण्यम का बचाव करते हुए कहा कि उनके ऊपर सरकार को पूरा विश्वास है। अरविंद समय-समय पर सरकार को जरूरी सलाह देते रहते हैं।
पर जब जेटली से पूछा गया कि सरकार और बीजेपी आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन पर का बचाव क्यों नहीं करती है, जब रघुराम राजन पर स्वामी सुब्रमण्यम व्यक्तिगत हमले करते हैं। इस पर जेटली ने कुछ भी कहने से मना कर दिया है।
आपको बताते चले कि रिजर्व बैंक के गर्वनर रघुराम राजन के दोबारा ताजपोशी की राह में रोड़े बोने के बाद भाजपा नेता सुब्रमणयम स्वामी अब प्रधानमंत्री के मुख्य आर्थिक सलाहाकार और वरिष्ठ अर्थशास्त्री अरविंद सुब्रमणयम के पीछे पड़ गए हैं।
बुधवार सुबह एक के बाद एक कई ट्वीट कर स्वामी ने अरविंद सुब्रमणयम की योग्यता और निष्ठा पर सवाल खड़े किए। रिजर्व बैंक के गर्वनर रघुराम राजन के बाद स्वामी ने अब अरविंद सुब्रमणयम को भी पद से हटाने की मांग कर दी है।
खास बात ये है कि रिजर्व बैंक के गर्वनर रघुराम राजन के खिलाफ लंबे समय तक मोर्चा खोले रखने वाले सुब्रमणयम स्वामी ने जिस तरह उनकी निष्ठा और योग्यता पर सवाल उठाया तो कुछ उसी अंदाज में उन्होंने अरविंद सुब्रमणयम के खिलाफ मोर्चा खोला है।
बता दें कि रघुराम राजन के खिलाफ स्वामी ने भारत के हितों से खेलने के अलावा आरोप लगाया था कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश में असहिष्णुता का मुद्दा उठाकर भारत का अपमान किया था। इसके अलावा उन्होंने वाशिंगटन में भारत की आर्थिक वृद्िध दर को अंधों में काना राजा भी कहा था।
स्वामी की इस मोर्चाबंदी का ही असर रहा कि राजन के प्रति सरकार का रवैया भी उपेक्षापूर्ण होता गया, नतीजतन राजन ने खुद ही दूसरे कार्यकाल के लिए अनिच्छा जता दी। राजन मुद्दे से उत्साहित स्वामी ने अब इसी अंदाज में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नियुक्त किए गए मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणयम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
खास बात ये है कि इसके लिए उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी दो साल पुरानी खबर का हवाला देते हुए कहा कि अरविंद ने आईपीएआर रेग्युलेंशस को लेकर अमेरिका सरकार को भारत के खिलाफ कार्रवाई करने का सुझाव दिया था।
इस मुद्दे पर बुधवार सुबह ही स्वामी ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए। इसमें उन्होंने कहा, "किसने यूएस कांग्रेस में 13/3/13 को अमेरिका की फार्मा कंपनियों के हितों की रक्षा के लिए भारत के खिलाफ कार्रवाई का सुझाव दिया.... अरविंद सुब्रमणयम। उसे हटाओ।"
उन्होंने एक अन्य ट्वीट के द्वारा जीएसटी पर कांग्रेस के कड़े रुख के लिए भी स्वामी को जिम्मेदार ठहराया। स्वामी ने इस दौरान नरसिम्हा राव नाम के ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट को भी री ट्वीट किया जिसमें अरविंद सुब्रमणयम को जोकर बताते हुए उन पर गुजरात मॉडल की आलोचना और बीफ बैन पर बकवास करने का आरोप लगाया है।
स्वामी के इस रुख के बाद साफ है कि अरविंद सुब्रमणयम के खिलाफ भी उन्होंने लंबी लड़ाई की तैयारी कर ली है। पुराने मुद्दे उठाकर मोदी के खास कहे जाने वाले मुख्य आर्थिक सलाहकार पर निशाना लगाना उनकी मंशा साफ बयां कर रहा है।
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पर जब जेटली से पूछा गया कि सरकार और बीजेपी आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन पर का बचाव क्यों नहीं करती है, जब रघुराम राजन पर स्वामी सुब्रमण्यम व्यक्तिगत हमले करते हैं। इस पर जेटली ने कुछ भी कहने से मना कर दिया है।
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To what extent should we attack those,the discipline&constraint of whose offices prevent them from responding,its happened more than once:FM
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI_news) June 22, 2016
आपको बताते चले कि रिजर्व बैंक के गर्वनर रघुराम राजन के दोबारा ताजपोशी की राह में रोड़े बोने के बाद भाजपा नेता सुब्रमणयम स्वामी अब प्रधानमंत्री के मुख्य आर्थिक सलाहाकार और वरिष्ठ अर्थशास्त्री अरविंद सुब्रमणयम के पीछे पड़ गए हैं।
बुधवार सुबह एक के बाद एक कई ट्वीट कर स्वामी ने अरविंद सुब्रमणयम की योग्यता और निष्ठा पर सवाल खड़े किए। रिजर्व बैंक के गर्वनर रघुराम राजन के बाद स्वामी ने अब अरविंद सुब्रमणयम को भी पद से हटाने की मांग कर दी है।
खास बात ये है कि रिजर्व बैंक के गर्वनर रघुराम राजन के खिलाफ लंबे समय तक मोर्चा खोले रखने वाले सुब्रमणयम स्वामी ने जिस तरह उनकी निष्ठा और योग्यता पर सवाल उठाया तो कुछ उसी अंदाज में उन्होंने अरविंद सुब्रमणयम के खिलाफ मोर्चा खोला है।
बता दें कि रघुराम राजन के खिलाफ स्वामी ने भारत के हितों से खेलने के अलावा आरोप लगाया था कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश में असहिष्णुता का मुद्दा उठाकर भारत का अपमान किया था। इसके अलावा उन्होंने वाशिंगटन में भारत की आर्थिक वृद्िध दर को अंधों में काना राजा भी कहा था।
स्वामी की इस मोर्चाबंदी का ही असर रहा कि राजन के प्रति सरकार का रवैया भी उपेक्षापूर्ण होता गया, नतीजतन राजन ने खुद ही दूसरे कार्यकाल के लिए अनिच्छा जता दी। राजन मुद्दे से उत्साहित स्वामी ने अब इसी अंदाज में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नियुक्त किए गए मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणयम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
खास बात ये है कि इसके लिए उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी दो साल पुरानी खबर का हवाला देते हुए कहा कि अरविंद ने आईपीएआर रेग्युलेंशस को लेकर अमेरिका सरकार को भारत के खिलाफ कार्रवाई करने का सुझाव दिया था।
इस मुद्दे पर बुधवार सुबह ही स्वामी ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए। इसमें उन्होंने कहा, "किसने यूएस कांग्रेस में 13/3/13 को अमेरिका की फार्मा कंपनियों के हितों की रक्षा के लिए भारत के खिलाफ कार्रवाई का सुझाव दिया.... अरविंद सुब्रमणयम। उसे हटाओ।"
उन्होंने एक अन्य ट्वीट के द्वारा जीएसटी पर कांग्रेस के कड़े रुख के लिए भी स्वामी को जिम्मेदार ठहराया। स्वामी ने इस दौरान नरसिम्हा राव नाम के ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट को भी री ट्वीट किया जिसमें अरविंद सुब्रमणयम को जोकर बताते हुए उन पर गुजरात मॉडल की आलोचना और बीफ बैन पर बकवास करने का आरोप लगाया है।
स्वामी के इस रुख के बाद साफ है कि अरविंद सुब्रमणयम के खिलाफ भी उन्होंने लंबी लड़ाई की तैयारी कर ली है। पुराने मुद्दे उठाकर मोदी के खास कहे जाने वाले मुख्य आर्थिक सलाहकार पर निशाना लगाना उनकी मंशा साफ बयां कर रहा है।