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अब तक ‘शहीद’ को परिभाषित नहीं कर पाई सरकार

Wed, 20 Jul 2016 01:12 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, अागरा
ब्यूरो/ अमर उजाला, अागरा Updated Wed, 20 Jul 2016 01:12 AM IST
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Govt fails to definate Matyre Word till date
श्‍ाहीद के पर‌िजन - फोटो : Amar Ujala

आजादी के 69 साल बाद भी भारत सरकार शहीद को परिभाषित नहीं कर पाई है। एनजीओ एंग्री यूथ के कांकर खेड़ा मेरठ के शुभम गुप्ता की ओर से आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना के जवाब में भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने जो जानकारी दी है वह चौंकाने वाली है।

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इसके बाद एनजीओ ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन बाह के एसडीएम को सौंपकर शहीद शब्द को परिभाषित कराने की मांग की है। दरअसल, छह जुलाई 2016 को केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी दिनेश माहुर की ओर से शुभम गुप्ता को दी गई जानकारी में कहा गया है कि शहीद का दर्जा देने संबंधी कोई जानकारी उनके पास नहीं है।
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केन्द्रीय सशस्त्र बलों के संबंध में सरकार की ओर से कहीं भी शहीद को परिभाषित नहीं किया गया है। कर्तव्य के दौरान मारे गए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों को शहीद का दर्जा देने के लिए कोई अधिसूचना जारी नहीं जा रही है। यह जानकारी सामने आने के बाद एनजीओ एंग्री यूथ ने सैनिकों को शहीद का दर्जा दिलाने के लिए अभियान चला रखा है।
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इसी के तहत मंगलवार को शहीद शब्द को परिभाषित करने की मांग को लेकर एनजीओ के वसीम पठान, सुशील भदौरिया, गौरव उपाध्याय, विजेन्द्र सिंह, दिवाकर सिंह, हरेन्द्र सिंह, पुलकित भदौरिया, सूरज, सुधीर बौहरे, भानू सविता ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। वसीम पठान ने कहा कि एनजीओ वीरगति को प्राप्त होने वाले सैनिकों को शहीद का दर्जा मिलने तक मुहिम जारी रखेगी।

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