फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Govt directs agencies to procure onion from farmers as its prices crash

Onion Price: 'किसानों से खरीदें प्याज', केंद का एजेंसियों को निर्देश; गिरती कीमतों का तत्काल उपाय करने को कहा

Wed, 08 Mar 2023 12:41 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 08 Mar 2023 12:41 PM IST
सार

मंत्रालय के बयान के अनुसार, नाफेड ने 40 खरीद केंद्र खोले हैं, जहां किसान अपना स्टॉक बेच सकते हैं और अपना भुगतान ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। नाफेड ने खरीद केंद्रों से दिल्ली, कोलकाता, गुवाहाटी, भुवनेश्वर, बैंगलोर, चेन्नई, हैदराबाद और कोच्चि में स्टॉक की आवाजाही की व्यवस्था की है।

विज्ञापन
Govt directs agencies to procure onion from farmers as its prices crash
प्याज - फोटो : iStock

विस्तार

मंडियों में प्याज की कीमतों में गिरावट की खबरों के बीच सरकार ने अपनी खरीद एजेंसियों को तत्काल उपाय करने का निर्देश दिया है। इसे उपभोग केंद्रों को एक साथ भेजने और बिक्री करने का निर्देश दिया गया है। इसने भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नाफेड) और भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (एनसीसीएफ) को किसानों से प्याज खरीदने का निर्देश दिया है। 

विज्ञापन


सरकार के पास बफर के रूप में प्याज की खरीद और भंडारण के लिए एक मूल्य स्थिरीकरण कोष (Price Stabilization Fund) है, ताकि दूसरे मौसम के दौरान आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू रखा जा सके और गिरती कीमतों की चुनौतियों से निपटा जा सके। कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार शाम एक बयान में कहा कि नाफेड ने पिछले दस दिनों में  करीब 900 रुपये प्रति 100 किलोग्राम से अधिक की दर से लगभग 4,000 टन प्याज सीधे किसानों से खरीदा है। ऐसी खबरें थीं कि लासलगांव मंडी में प्याज की कीमत एक से दो रुपये प्रति किलोग्राम तक है। लासलगांव भारत की सबसे बड़ी प्याज मंडी है। 
विज्ञापन


मंत्रालय के बयान के अनुसार, नाफेड ने 40 खरीद केंद्र खोले हैं, जहां किसान अपना स्टॉक बेच सकते हैं और अपना भुगतान ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। नाफेड ने खरीद केंद्रों से दिल्ली, कोलकाता, गुवाहाटी, भुवनेश्वर, बैंगलोर, चेन्नई, हैदराबाद और कोच्चि में स्टॉक की आवाजाही की व्यवस्था की है। वर्ष 2022-23 के दौरान प्याज का अनुमानित उत्पादन लगभग 318 लाख टन है, जो पिछले साल के 316.98 लाख टन उत्पादन को पार कर गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


Onion prices: दुनिया भर में रुला रहे प्याज के दाम, भारत में बिक रहा कौड़ियों के भाव! लागत निकालना भी हुआ दूभर


बयान में कहा गया, मांग और आपूर्ति में स्थिरता के साथ-साथ निर्यात क्षमता के कारण कीमतें स्थिर रहीं।  हालांकि, फरवरी के महीने में लाल प्याज की कीमतों में गिरावट देखी गई, विशेष रूप से महाराष्ट्र राज्य में, जहां मॉडल दर 500-700 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गई। विशेषज्ञ इस गिरावट का कारण अन्य राज्यों में कुल उत्पादन में वृद्धि, देश के प्रमुख उत्पादक जिले यानी नासिक से आपूर्ति पर निर्भरता कम होने को बताते हैं। प्याज की बुवाई सभी राज्यों में की जाती है। महाराष्ट्र लगभग 43 फीसदी, मध्य प्रदेश 16 फीसदी और कर्नाटक और गुजरात राष्ट्रीय उत्पादन में करीब 9 फीसदी का योगदान देते हैं। इसकी कटाई वर्ष में तीन बार की जाती है।


रबी की फसल सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राष्ट्रीय उत्पादन में लगभग 72-75 फीसदी का योगदान देती है और इसकी कटाई मार्च से मई के महीनों तक की जाती है। रबी फसल की शेल्फ लाइफ सबसे अधिक और संग्रह योग्य होती है, जबकि खरीफ और देर से खरीफ फसल प्रत्यक्ष उपभोग के लिए होती है और भंडारण योग्य नहीं होती है। देशभर में वर्षभर ताजा/संग्रहीत प्याज नियमित आपूर्ति प्रदान करता है। लेकिन कभी-कभी मौसम की अनियमितता के कारण, या तो भंडारित प्याज खराब हो जाता है या बोया गया क्षेत्र क्षतिग्रस्त हो जाता है जिससे आपूर्ति की कमी हो जाती है और घरेलू कीमतों में वृद्धि होती है। पिछले साल नाफेड ने बफर स्टॉक के रूप में 2.51 लाख टन रबी प्याज खरीदा था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed