नगालैंड: राज्यपाल ने CM के रूप में नेफ्यू को किया नियुक्त, 16 मार्च तक साबित करना होगा बहुमत
पूर्वोत्तर राज्य नगालैंड में भाजपा की ओर से मंगलवार को नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपी) के समर्थन में राज्यपाल पीबी आचार्य को अपने 12 विधायकों के हस्ताक्षर वाला समर्थन पत्र सौंपने के साथ ही यहां एनडीपीपी-भाजपा गठजोड़ की सरकार के सत्ता में आने का रास्ता साफ हो गया है। एनडीपीपी सूत्रों ने बताया कि संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद नेफ्यू रियो सरकार इसी सप्ताह शपथ लेगी।
इस बीच, उपमुख्यमंत्री का पद भाजपा को देने पर सहमति बन गई है। भाजपा विधायक दल के नेता वाई पैटन उपमुख्यमंत्री होंगे। इससे पहले पैटन को आम राय से विधायक दल का नेता चुन लिया गया। इस बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक जेपी नड्डा, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह व पूर्वोत्तर के महासचिव (सांगठनिक) अजय जामवाल के अलावा असम के भाजपा नेता हिंमत विश्व शर्मा भी मौजूद थे।
Governor of Nagaland PB Acharya has appointed Neiphiu Rio as the Chief Minister of Nagaland under clause (1) of Article 164 of the Constitution of India. The Governor has also requested Shri Neiphiu Rio to prove his majority on the floor of the House on or before 16th March 2018. pic.twitter.com/Sj3m2cfP0L
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 6, 2018
भाजपा के चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष एम चुबा ने बताया कि भाजपा को गृह मंत्रालय के साथ ही मंत्रिमंडल में छह पद मिलेंगे। राज्य की लोकसभा व राज्यसभा सीटें भी एनडीपीपी व भाजपा के बीच बंटेगी। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के अध्यक्षों में से आधे पद एनडीपीपी के खाते में जाएंगी। बाकी आधे में से 40 फीसदी भाजपा को मिलेंगे और 10 फीसदी दूसरी पार्टियों को।
ध्यान रहे कि भाजपा ने सोमवार को ही अपने पुराने सहयोगी नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) से 15 साल पुरानी दोस्ती तोड़ने का औपचारिक एलान किया था। एक सवाल के जवाब में हिंमत ने बताया कि एनपीएफ से नाता तोड़ने का मणिपुर सरकार की स्थिरता पर कोई असर नहीं पडे़गा। वहां पार्टी के पास बहुमत है। ध्यान रहे कि नगालैंड में साथ नहीं देने की सूरत में एनपीएफ ने मणिपुर में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार से समर्थन वापस लेने की धमकी दी थी।