फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   governments reduce prison inmates, says supreme court

सुप्रीम कोर्ट का आदेश, जेल में कैदियों की भीड़ कम करें सरकारें

Thu, 06 Oct 2016 04:59 AM IST
राजीव सिन्हा/ नई दिल्ली
राजीव सिन्हा/ नई दिल्ली Updated Thu, 06 Oct 2016 04:59 AM IST
विज्ञापन
governments reduce prison inmates, says supreme court
देशभर की जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों को रखे जाने के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से भीड़ में कमी लाने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत ने सरकार को अगले वर्ष 31 मार्च तक कार्य योजना तैयार करने को कहा है। न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल की पीठ ने कहा कि जब तक लोगों के मूल अधिकारों और मानवाधिकारों को महत्व नहीं दिया जाएगा तब तक संविधान के अनुच्छेद -21 के तहत नागरिकों को प्रदत्त जीने का अधिकार और सम्मान से जीने के अधिकार का कोई मतलब नहीं है। 
विज्ञापन


पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत ने अपने आदेशों के जरिए कहा है कि सजायाफ्ता और विचाराधीन कैदियों के भी कुछ मूल अधिकार और मानवाधिकार हैं, लेकिन ऐसा देखा जा रहा है कि इस पर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ध्यान नहीं दे रहे हैं। यह दुखद है। पीठ ने कहा कि किसी व्यक्ति को सिर्फ इसलिए कि वह विपरीत परिस्थिति में है, उसे मूल अधिकारों और मानवाधिकारों से वंचित नहीं रखा जा सकता। साथ ही शीर्ष अदालत ने महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय को हिरासत में रह रहे किशोरों के लिए मैन्यूवल तैयार करने में तेजी लाने के लिए कहा है। 
विज्ञापन


अदालत ने पाया कि उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, असम, छत्तीसगढ़, झारखंड, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान की जेलों में क्षमता से 150 फीसदी अधिक बंदी हैं। पीठ ने कहा कि न तो किसी राज्य और न ही किसी केंद्र शासित प्रदेश ने इसके लिए कार्ययोजना तैयार करने की जहमत उठाई है। यही वजह है कि हमने राज्यों और जेल के आईजी को जेल में कैदियों की ‘भीड़’ को कम करने का निर्देश दिया था। अदालत ने पाया कि जेल में अतिरिक्त बैरक बनाने के प्रस्ताव थे लेकिन लगता है कि ये अस्थायी प्रस्ताव हैं, क्योंकि इसके लिए कोई समयसीमा निर्धारित नहीं की गई है। लिहाजा पीठ ने 31 मार्च 2017 तक कार्ययोजना तैयार करने को कहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed