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25 शताब्दी ट्रेनों के किराए को कम करेगी सरकार
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Mon, 26 Mar 2018 05:48 AM IST
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शताब्दी
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रेल यात्रियों के लिए राहतभरी खबर आ रही है। सरकार कुछ रूटों पर चलने वाली शताब्दी ट्रेनों के किराए में कमी ला सकती है। ये वे रूट होंगे जिन पर यात्रियों की संख्या काफी कम है। रेलवे का लक्ष्य इसके जरिए संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल करना है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 25 ऐसी शताब्दी ट्रेनों की पहचान की गई है, जिनमें इस योजना को लागू किया जा सकता है। एक अधिकारी ने कहा कि भारतीय रेलवे इससे जुड़े प्रस्ताव पर सक्रियता से काम कर रहा है। पिछले साल दो रूटों पर इस योजना को प्रायोगिक तौर पर शुरू किया गया था। उसकी सफलता से इस पहल को काफी बल मिला है। उन्होंने बताया कि प्रायोगिक तौर पर जिन दो रूटों पर इसे लागू किया गया है, उनमें से एक की आय में 17 फीसदी का इजाफा हुआ है और 63 फीसदी अधिक यात्रियों ने बुकिंग कराई है।
इस कदम पर ऐसे समय में विचार किया जा रहा है जब ‘ फ्लेक्सी फेयर’ की योजना को लेकर रेलवे आलोचना का सामना कर रहा है। इसको लेकर लोगों में यह धारण बनी है कि इससे शताब्दी, राजधानी और दुरंतो जैसी ट्रेनों के किरायों में वृद्धि हुई है। रेलवे 45 शताब्दी ट्रेनों का परिचालन करती है और ये देश की सबसे तेज गति से चलने वाली ट्रेनों में से एक है।
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एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 25 ऐसी शताब्दी ट्रेनों की पहचान की गई है, जिनमें इस योजना को लागू किया जा सकता है। एक अधिकारी ने कहा कि भारतीय रेलवे इससे जुड़े प्रस्ताव पर सक्रियता से काम कर रहा है। पिछले साल दो रूटों पर इस योजना को प्रायोगिक तौर पर शुरू किया गया था। उसकी सफलता से इस पहल को काफी बल मिला है। उन्होंने बताया कि प्रायोगिक तौर पर जिन दो रूटों पर इसे लागू किया गया है, उनमें से एक की आय में 17 फीसदी का इजाफा हुआ है और 63 फीसदी अधिक यात्रियों ने बुकिंग कराई है।
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इस कदम पर ऐसे समय में विचार किया जा रहा है जब ‘ फ्लेक्सी फेयर’ की योजना को लेकर रेलवे आलोचना का सामना कर रहा है। इसको लेकर लोगों में यह धारण बनी है कि इससे शताब्दी, राजधानी और दुरंतो जैसी ट्रेनों के किरायों में वृद्धि हुई है। रेलवे 45 शताब्दी ट्रेनों का परिचालन करती है और ये देश की सबसे तेज गति से चलने वाली ट्रेनों में से एक है।
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