फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Government will provide financial help for prisoners to get bail

विचाराधीन कैदियों को जमानत के लिए आर्थिक मदद देगी सरकार

Sun, 27 May 2018 04:48 AM IST
पीयूष पांडेय, अमर उजाला, नई दिल्ली
पीयूष पांडेय, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 27 May 2018 04:48 AM IST
विज्ञापन
Government will provide financial help for prisoners to get bail

जमानत के लिए पैसा नहीं होने की वजह से जेल में सड़ रहे लाखों कैदियों को केंद्र सरकार राहत देने की तैयारी में है। न्याय विभाग ऐसे कैदियों के लिए जल्द जमानत कोष गठित कर आर्थिक सहायता मुहैया कराएगा। इसके पहले चरण में सरकार देशभर की जेलों में बंद करीब 11 हजार 916 महिला विचाराधीनों को जमानत राशि देगी। केंद्र सरकार के इस प्रस्ताव पर राज्य सरकारों से विचार-विमर्श किया जा चुका है। 

विज्ञापन


पहले चरण में जेलों में बंद करीब 12 हजार महिला विचाराधीनों को मिलेगी सहायता

अभी देश की जेलों में करीब तीन लाख विचाराधीन कैदी हैं। इनमें बहुत सारे ऐसे कैदी हैं जिन्हें अदालत से जमानत तो मिल गई है लेकिन उनके पास जमानत राशि भरने का इंतजाम नहीं है। इनमें सर्वाधिक 70 हजार कैदी उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद हैं। न्याय विभाग के प्रस्ताव के मुताबिक, सरकार विचाराधीनों को आर्थिक सहायता मुहैया कराने के लिए एक जमानत कोष बनाए। 
विज्ञापन


सजायाफ्ता कैदियों से दोगुने ज्यादा हैं विचाराधीन 

इस कोष से जरूरतमंद कैदियों को जमानत के लिए पैसा मुहैया कराया जाए। विभाग ने इसके लिए विभिन्न आधार भी तय कर लिए हैं। राज्य सरकारों से भी जेल में बंद उन कैदियों की विस्तृत जानकारी मांगी गई है, जो निर्धारित अवधि से ज्यादा समय से जेल में बंद हैं। विभाग को उम्मीद है कि जमानत कोष गठित होने के बाद राज्यों से चर्चा कर आगे कदम बढ़ाया जाएगा। गौरतलब है कि विचाराधीन की तुलना में सजायाफ्ता की तादाद आधी से भी कम है। एनसीआरबी की रिपोर्ट में दिसंबर, 16 तक कुल एक लाख 35 हजार 683 दोषी करार दिए जा चुके कैदी जेल काट रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

पांच साल से अधिक समय से चार हजार कैदी बंद

Government will provide financial help for prisoners to get bail

सरकार के मुताबिक, 2.93 लाख से ज्यादा विचाराधीन कैदी दिसंबर 2016 तक देश की विभिन्न जेलों में बंद थे। इनमें से चार हजार के करीब पिछले पांच साल से जेल में बंद हैं। दस साल से भी ज्यादा समय से बंद विचारधीनों का आंकड़ा राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के पास भी उपलब्ध नहीं है। कुल कैदियों में 3258 विदेशी विचाराधीन और 43 हिरासत में रखे गए हैं। इसके अलावा अनुसूचित जाति के 93,933 और 51,761 अनुसूचित जनजाति के विचाराधीन जेलों में बंद हैं। 

क्षमता से 114 फीसदी कैदी जेलों में 

एनसीआरबी के मुताबिक, देश की जेलों में क्षमता के मुकाबले 114.4 फीसदी ज्यादा कैदी बंद हैं। 1401 जेलों की क्षमता तीन लाख 66 हजार 782 कैदियों को एक साथ बंद करने की है पर इन जेलों में क्रमश: चार लाख 19 हजार 623 से ज्यादा कैदी बंद हैं। अव्यवस्थाओं के चलते 2015 में 1584 कैदियों की मौत हो गई। इनमें 1469 प्राकृतिक और 115 अप्राकृतिक मौतें थीं।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed