{"_id":"5b38242d4f1c1b214d8b9690","slug":"government-will-consider-the-monitoring-committee-of-sants-for-kumbh","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुंभ के लिए संतों की निगरानी समिति पर विचार करेगी योगी सरकार","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
कुंभ के लिए संतों की निगरानी समिति पर विचार करेगी योगी सरकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Sun, 01 Jul 2018 06:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रयाग कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं, संतों, पर्यटकों की सुविधा और समन्वय के लिए अखाड़ा परिषद की अगुवाई में साधु-संतों की निगरानी समिति बनाई जा सकती है। यह समिति कुंभ के तहत होने वाले कार्यों को लेकर सुझाव भी दे सकेगी। लखनऊ में शनिवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के साथ हुई मुलाकात में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह संकेत दिया।
लखनऊ स्थित सीएम आवास में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से कुंभ की तैयारियों को लेकर चर्चा की। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने इस दौरान कई दिक्कतों को गिनाया। उन्होंने सीएम को बताया कि करोड़ों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं, संतों की सुविधा के लिए मेला प्रशासन से समन्वय स्थापित करने के लिए साधु-संतों की निगरानी समिति बनाने का प्रस्ताव पहले से लंबित है।
करीब 32 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बसने वाले कुंभ में अखाड़ों, दंडी बाड़ों, पुरोहितों, सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं के शिविरों के समन्वय के लिए निगरानी समिति बनाई जानी चाहिए। इस समिति में परिषद के अध्यक्ष, महामंत्री के अलावा सभी अखाड़ों, दंडी बाड़ा, आचार्य बाड़ा, प्रयागवाल सभा के अलावा प्रमुख संतों को बतौर सदस्य नामित किया जाए। ताकि यह समिति कुंभ में मेला प्रशासन का समय-समय पर मार्ग दर्शन कर सके और संतों-भक्तों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन
परिषद के अध्यक्ष ने बताया कि सीएम ने साधु-संतों की निगरानी समिति बनाने के प्रस्ताव पर विचार करने का भरोसा दिलाया है। सीएम ने बताया कि द्वादश माधव के मंदिरों के कायाकल्प की योजना पर काम शुरू हो गया है। जल्द ही परिक्रमा पथ का भी काम शुरू करा दिया जाएगा।
तीन और अखाड़ों में बनेंगे संत निवास
इलाहाबाद (ब्यूरो)। तीन और अखाड़ों में संत निवास निर्माण का काम जल्द शुरू हो जाएगा। भूमि न होने की वजह से पांच अखाड़ों के लिए एक-एक करोड़ रुपये की धनराशि इस मद में अवमुक्त नहीं की जा सकी थी। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने बताया कि निर्मोही, पंच अग्नि और आवाहन अखाड़े ने अब जमीन खरीद ली है। इसकी जानकारी शासन और मेला प्रशासन को दे दी गई है। इन अखाड़ों में भी संत निवास का निर्माण अब आरंभ हो जाएगा, जबकि आठ अखाड़ों में पहले से ही काम चल रहा है।
.................................
विज्ञापन
लखनऊ स्थित सीएम आवास में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से कुंभ की तैयारियों को लेकर चर्चा की। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने इस दौरान कई दिक्कतों को गिनाया। उन्होंने सीएम को बताया कि करोड़ों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं, संतों की सुविधा के लिए मेला प्रशासन से समन्वय स्थापित करने के लिए साधु-संतों की निगरानी समिति बनाने का प्रस्ताव पहले से लंबित है।
विज्ञापन
करीब 32 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बसने वाले कुंभ में अखाड़ों, दंडी बाड़ों, पुरोहितों, सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं के शिविरों के समन्वय के लिए निगरानी समिति बनाई जानी चाहिए। इस समिति में परिषद के अध्यक्ष, महामंत्री के अलावा सभी अखाड़ों, दंडी बाड़ा, आचार्य बाड़ा, प्रयागवाल सभा के अलावा प्रमुख संतों को बतौर सदस्य नामित किया जाए। ताकि यह समिति कुंभ में मेला प्रशासन का समय-समय पर मार्ग दर्शन कर सके और संतों-भक्तों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन
परिषद के अध्यक्ष ने बताया कि सीएम ने साधु-संतों की निगरानी समिति बनाने के प्रस्ताव पर विचार करने का भरोसा दिलाया है। सीएम ने बताया कि द्वादश माधव के मंदिरों के कायाकल्प की योजना पर काम शुरू हो गया है। जल्द ही परिक्रमा पथ का भी काम शुरू करा दिया जाएगा।
तीन और अखाड़ों में बनेंगे संत निवास
इलाहाबाद (ब्यूरो)। तीन और अखाड़ों में संत निवास निर्माण का काम जल्द शुरू हो जाएगा। भूमि न होने की वजह से पांच अखाड़ों के लिए एक-एक करोड़ रुपये की धनराशि इस मद में अवमुक्त नहीं की जा सकी थी। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने बताया कि निर्मोही, पंच अग्नि और आवाहन अखाड़े ने अब जमीन खरीद ली है। इसकी जानकारी शासन और मेला प्रशासन को दे दी गई है। इन अखाड़ों में भी संत निवास का निर्माण अब आरंभ हो जाएगा, जबकि आठ अखाड़ों में पहले से ही काम चल रहा है।
.................................