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धोखाधड़ी से बचाने के लिए जागरूकता अभियान, दोगुना खर्च करेगी सरकार
पीयूष पांडेय
Updated Sun, 18 Nov 2018 06:29 AM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े से ग्राहकों को जागरूक करने के लिए केंद्र सरकार अब दोगुना खर्च करेगी। इसमें राज्यों को दोगुना और अनुसूचित जाति, जनजाति तथा आदिवासी क्षेत्रों को अतिरिक्त कोष का आवंटन किया जाएगा। इसमें कंपनियों द्वारा ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में जारी किए जाने वाले विज्ञापनों में भ्रामक जानकारी के खिलाफ शिकायत की व्यवस्था भी शामिल होगी। सरकार ने नीति आयोग द्वारा की गई सिफारिशों के आधार पर जागो ग्राहक जागो मुहिम को तेज करने का निर्णय लिया है।
उपभोक्ता मंत्रालय द्वारा राज्य सरकारों को सालाना चार की जगह 8 करोड़ रुपया मुहिम की व्यवस्थाओं को बेहतर करने को दिया जाएगा। राज्यों की जिम्मेवारी धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के प्रति ग्राहकों को जागरुक करने के लिए होगी। इसके लिए वह मोबाइल पर संदेश, रेडियों के जरिए सूचना और सार्वजनिक सूचना विशिष्ट मामलों में तत्काल जारी करेंगे।
राष्ट्रीय स्तर पर केंद्र सरकार यह काम बैंकिंग, एफएमसीजी, इलेक्ट्रॉनिक और निर्माण क्षेत्र के मुद्दों पर जारी करेगी। नापतौल में गड़बड़ियों के लिए दोनों के द्वारा ग्राहकों को जागरुक किया जाएगा। मंत्रालय के मुताबिक अनुसूचित जाति, जनजाति और आदिवासी क्षेत्रों के लिए भी सरकार द्वारा 8.81 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च तय किया गया है। मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक हाल ही में जागो ग्राहक जागो अभियान की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है, जो नीति आयोग द्वारा की गई सिफारिशों के आधार पर लिए गए हैं। इसमें डिजिटल तरीकों से ग्राहकों को जागरुक किया जाना भी शामिल है।
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उपभोक्ता मंत्रालय द्वारा राज्य सरकारों को सालाना चार की जगह 8 करोड़ रुपया मुहिम की व्यवस्थाओं को बेहतर करने को दिया जाएगा। राज्यों की जिम्मेवारी धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के प्रति ग्राहकों को जागरुक करने के लिए होगी। इसके लिए वह मोबाइल पर संदेश, रेडियों के जरिए सूचना और सार्वजनिक सूचना विशिष्ट मामलों में तत्काल जारी करेंगे।
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राष्ट्रीय स्तर पर केंद्र सरकार यह काम बैंकिंग, एफएमसीजी, इलेक्ट्रॉनिक और निर्माण क्षेत्र के मुद्दों पर जारी करेगी। नापतौल में गड़बड़ियों के लिए दोनों के द्वारा ग्राहकों को जागरुक किया जाएगा। मंत्रालय के मुताबिक अनुसूचित जाति, जनजाति और आदिवासी क्षेत्रों के लिए भी सरकार द्वारा 8.81 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च तय किया गया है। मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक हाल ही में जागो ग्राहक जागो अभियान की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है, जो नीति आयोग द्वारा की गई सिफारिशों के आधार पर लिए गए हैं। इसमें डिजिटल तरीकों से ग्राहकों को जागरुक किया जाना भी शामिल है।
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जागो ग्राहक जागो मुहिम को तेज करने को केंद्र सरकार ने लिया निर्णय
मंत्रालय के अनुसार सोशल मीडिया का इस्तेमाल केंद्रीय स्तर पर ग्राहको को जागरुक करने के लिए अब किया जाएगा। कोष बढ़ाने के लिए समीक्षा की अवधि को भी त्रैमासिक कर दिया गया है। राज्य सरकारें केंद्रीय मंत्रालय को ग्राहकों को जागरुक करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देंगी। साथ ही कंपनियों द्वारा ग्रामीण तथा दूरदराज क्षेत्रों में जारी किए गए ऐसे विज्ञापनों के बारे में भी बताएंगी जिनके भ्रामक होने की आशंका पर शिकायत उनके पास पहुंची हो। याद रहे कि भ्रामक विज्ञापन के खिलाफ कानून को कठोर बनाने संबंधी एक विधेयक मंत्रालय में लंबित है।
मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक बैंकों, वित्तीय संस्थाओं और सामग्री बेचने वाली निजी कंपनियों को ग्राहकों को जागरुक करने की मुहिम में शामिल किया गया है। उन्हें नकली सामग्री या धोखाधड़ी से बचाने के लिए हर संभव कदम उठाने होंगे जिसके संबंध में निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इस दौरान विभिन्न केंद्रीय नियामक इकाईयां और प्राधिकार धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े की निगरानी करेंगे। गौरतलब है कि वैश्विक वित्तीय सूचना की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 24 प्रतिशत ग्राहक सीधतौर पर धोखाधड़ी का शिकार होते हैं। टेलीकॉम, बैंक और एफएमसीजी खरीद में ग्राहकों के साथ होने वाली घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है।
मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक बैंकों, वित्तीय संस्थाओं और सामग्री बेचने वाली निजी कंपनियों को ग्राहकों को जागरुक करने की मुहिम में शामिल किया गया है। उन्हें नकली सामग्री या धोखाधड़ी से बचाने के लिए हर संभव कदम उठाने होंगे जिसके संबंध में निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इस दौरान विभिन्न केंद्रीय नियामक इकाईयां और प्राधिकार धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े की निगरानी करेंगे। गौरतलब है कि वैश्विक वित्तीय सूचना की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 24 प्रतिशत ग्राहक सीधतौर पर धोखाधड़ी का शिकार होते हैं। टेलीकॉम, बैंक और एफएमसीजी खरीद में ग्राहकों के साथ होने वाली घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है।