{"_id":"60ef53878ebc3e5468256edd","slug":"government-to-introduce-17-bills-including-essential-defense-services-act-in-monsoon-session","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानसून सत्र: आवश्यक रक्षा सेवा कानून समेत 17 विधेयक पेश करेगी सरकार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मानसून सत्र: आवश्यक रक्षा सेवा कानून समेत 17 विधेयक पेश करेगी सरकार
Thu, 15 Jul 2021 02:43 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 15 Jul 2021 02:43 AM IST
सार
ऑर्डिनेंस फैक्टरी बोर्ड की जगह कंपनी गठित करने का विरोध रोकने की तैयारी है यह कानून
विज्ञापन
भारतीय संसद
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्र सरकार ने 19 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के दौरान 17 विधेयक पेश करने की तैयारी की है, जिनमें से तीन मौजूदा अध्यादेशों की जगह लाए जाएंगे। सत्र शुरू होने के 42 दिन के अंदर किसी भी अध्यादेश की जगह विधेयक पेश कराना अनिवार्य होता है।
विज्ञापन
केंद्र सरकार के सूत्रों के मुतािबक, मानसून सत्र में पेश होने वाले तीन अध्यादेशों में से एक आवश्यक रक्षा सेवा अध्यादेश, 2021 है, जो 30 जून को ऑर्डिनेंस फैक्टरी बोर्डों को पुनर्गठित कर कंपनियों में बदलने के आदेश के खिलाफ कर्मचारी संगठनों को जुलाई के अंत में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से रोकने को लाया गया था।
विज्ञापन
दो दिन पहले 12 जुलाई को जारी लोकसभा बुलेटिन के मुताबिक, इस अध्यादेश की जगह लेने के लिए आवश्यक रक्षा सेवा विधेयक पेश किया जाएगा। इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और नजदीकी क्षेत्र विधेयक, 2021 भी एक अध्यादेश की जगह लेगा।
विज्ञापन
सरकार के मुताबिक, यह अध्यादेश एनसीआर व आसपास के क्षेत्रों में सीमित उपायों के बजाय वायु प्रदूषण से निपटने के लिए स्व विनियमित और लोकतांत्रिक तरीके से निगरानी वाला तंत्र स्थापित करने और प्रदूषण का स्थायी हल तलाशने में मदद देगा। दिवालिया व बैंककरप्सी कोड (संशोधन) विधेयक, 2021 भी एक हाल ही में जारी अध्यादेश की जगह पेश किया जाएगा।
पेट्रोलियम से ऊर्जा तक के लिए आएंगे विधेयक
सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले विधेयकों में इंडियन अंटार्कटिका विधेयक , पेट्रोलियम व खनिज पदार्थ (संशोधन) विधेयक, विद्युत (संशोधन) विधेयक, मानव तस्करी (रोकथाम, संरक्षण व पुनर्वास) विधेयक भी शामिल रहेंगे।