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अच्छे दिनों की तैयारी: दाल, चीनी, दूध तक की कीमतें सरकार करेगी तय
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 12 Sep 2016 01:43 PM IST
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महंगाई से निपटने के लिए मोदी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। खुदरा बाजार में पैक कर बेची जाने वाली आवश्यक वस्तुएं जैसे- दाल, दूध, चीनी, खाद्य तेल और अन्य पदार्थों की कीमतें सरकार की ओर से तय की जा सकती हैं। सरकार द्वारा अगर वस्तुओं की कीमत तय कर दी जाएंगी तो कोई भी दुकानदार तय की गई कीमत से अधिक में सामान नहीं बेच पाएगा।
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, सरकार ने यह निर्णय हाल ही में दाल में कीमतों में अचानक आई इजाफा और खासकर खुली दाल और पैक कर बेची जाने दालों की कीमतों में भारी अंतर को देखते हुए किया गया है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने पैक्ड सामान की बिक्री को लेकर नियमों में संशोधन किया है, ताकि सरकार खुदरा मूल्य तय कर सके।
नियमों में संशोधन के मुताबिक, 'यदि किसी भी आवश्यक वस्तु की खुदरा बिक्री कीमत तय की गई है और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा अधिसूचित किया गया है, तो इसे लागू करना अनिवार्य है।' यह सूचना 7 सितंबर को जारी हुई थी। इसमें यह भी कहा गया है कि यदि सरकार कीमत तय करने के साथ मानक मात्रा भी तय करती है, जैसे-500 ग्राम, एक किलो या दो किलो, तो दुकानदार को इसी मात्रा और कीमत में ग्राहकों को सामान देना पड़ेगा।
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टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, सरकार ने यह निर्णय हाल ही में दाल में कीमतों में अचानक आई इजाफा और खासकर खुली दाल और पैक कर बेची जाने दालों की कीमतों में भारी अंतर को देखते हुए किया गया है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने पैक्ड सामान की बिक्री को लेकर नियमों में संशोधन किया है, ताकि सरकार खुदरा मूल्य तय कर सके।
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नियमों में संशोधन के मुताबिक, 'यदि किसी भी आवश्यक वस्तु की खुदरा बिक्री कीमत तय की गई है और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा अधिसूचित किया गया है, तो इसे लागू करना अनिवार्य है।' यह सूचना 7 सितंबर को जारी हुई थी। इसमें यह भी कहा गया है कि यदि सरकार कीमत तय करने के साथ मानक मात्रा भी तय करती है, जैसे-500 ग्राम, एक किलो या दो किलो, तो दुकानदार को इसी मात्रा और कीमत में ग्राहकों को सामान देना पड़ेगा।
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नियमों की अनदेखी करने वाले दुकानदारों का जब्त होगा माल
अधिकारियों ने बताया कि नियमों की अनदेखी करने वाले खुदरा विक्रेता पर 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा साथ ही उसके पास जमा माल को भी जब्त कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि ऐसा नियम इसलिए बनाया गया है क्योंकि दुकानदार जुर्माना देने से उतना नहीं डरते जितना कि सारा माल जब्त किए जाने से। इस कानून में दुकानदार अपना सारा माल एक साथ न बेच दे, इस बात का ध्यान रखा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि इन नियमों के लागू होने से आवश्यक वस्तुओं के मामले में अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) की अवधारणा खत्म हो जाएगी। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने जुलाई में सभी राज्यों को दाल और अन्य जरूरत की वस्तुओं की कीमतें तय करने से संबंधित कानून बनाने को कहा था कि जिससे की बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाई जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि इन नियमों के लागू होने से आवश्यक वस्तुओं के मामले में अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) की अवधारणा खत्म हो जाएगी। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने जुलाई में सभी राज्यों को दाल और अन्य जरूरत की वस्तुओं की कीमतें तय करने से संबंधित कानून बनाने को कहा था कि जिससे की बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाई जा सके।