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अमर उजाला पोल: 79% ने माना लड़कियों को स्कूलों में सुरक्षित माहौल के लिए सरकार ने लिया फैसला
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 14 Jul 2016 08:28 AM IST
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हरियाणा में अब कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में 50 वर्ष से अधिक उम्र के प्राध्यापक ही नियुक्त होंगे।
प्रदेश के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि नई अध्यापक स्थानांतरण नीति-2016 के तहत यह प्रावधान बनाया गया है। अगर किसी प्राध्यापक की आयु 30 जून को 50 वर्ष से कम है तो स्थानांतरण के लिए कन्या स्कूल का चयन न करें अन्यथा इन स्कूलों का विकल्प चुनने वालों के स्थानांतरण पर विचार नहीं किया जाएगा।
हरियाणा सरकार के इस फैसले को लेकर अमर उजाला डॉट कॉम ने एक पोल किया। जिसमें पाठकों से सवाल किया गया कि आखिर हरियाणा सरकार के इस फैसले के पीछे क्या मंशा हो सकती है?
इस सवाल के लिए हमने तीन विकल्प भी पाठकों के सामने रखे और उनसे राय मांगी। पाठकों ने इस पोल में जमकर अपना पक्ष रखा। जानिए क्या रहा उनका जवाब...
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प्रदेश के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि नई अध्यापक स्थानांतरण नीति-2016 के तहत यह प्रावधान बनाया गया है। अगर किसी प्राध्यापक की आयु 30 जून को 50 वर्ष से कम है तो स्थानांतरण के लिए कन्या स्कूल का चयन न करें अन्यथा इन स्कूलों का विकल्प चुनने वालों के स्थानांतरण पर विचार नहीं किया जाएगा।
हरियाणा सरकार के इस फैसले को लेकर अमर उजाला डॉट कॉम ने एक पोल किया। जिसमें पाठकों से सवाल किया गया कि आखिर हरियाणा सरकार के इस फैसले के पीछे क्या मंशा हो सकती है?
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इस सवाल के लिए हमने तीन विकल्प भी पाठकों के सामने रखे और उनसे राय मांगी। पाठकों ने इस पोल में जमकर अपना पक्ष रखा। जानिए क्या रहा उनका जवाब...
इस पोल में कुल 906 वोट पड़े
पाठकों के जवाब इस प्रकार हैं...
पहला विकल्प: लड़कियों को स्कूल में सुरक्षित माहौल देना। पाठकों ने इस विकल्प के समर्थन में सबसे ज्यादा 716 वोट किए। यानी पहले विकल्प को कुल 79.03 फीसदी वोट मिले।
दूसरा विकल्प: शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार लाना। इस विकल्प के पक्ष में 114 वोट पड़े, यानी 12.58 फीसदी वोट इस विकल्प को मिले।
तीसरा विकल्प: शिक्षकों के मनमाने ट्रांसफर पर रोक लगाना। इस विकल्प के समर्थन में 76 वोट पड़े, जो 8.39 फीसदी है। बता दें कि इस पोल में कुल 906 वोट पड़े।
पहला विकल्प: लड़कियों को स्कूल में सुरक्षित माहौल देना। पाठकों ने इस विकल्प के समर्थन में सबसे ज्यादा 716 वोट किए। यानी पहले विकल्प को कुल 79.03 फीसदी वोट मिले।
दूसरा विकल्प: शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार लाना। इस विकल्प के पक्ष में 114 वोट पड़े, यानी 12.58 फीसदी वोट इस विकल्प को मिले।
तीसरा विकल्प: शिक्षकों के मनमाने ट्रांसफर पर रोक लगाना। इस विकल्प के समर्थन में 76 वोट पड़े, जो 8.39 फीसदी है। बता दें कि इस पोल में कुल 906 वोट पड़े।