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पेप्सी और कोका कोला के प्रॉडक्ट्स में मिला जहर, जांच में नमूने हुए फेल

Thu, 06 Oct 2016 11:43 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 06 Oct 2016 11:43 AM IST
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Government study finds five different toxins in 5 soft drink brands
डेमो पिक
एक सरकारी जांच में कोल्ड ड्रिंक के पांच अलग-अलग प्रॉडक्ट्स में विशाक्त पदार्थ पाए गए हैं। इनमें दो मल्टीनेशनल कंपनी पेप्सिको और कोका कोला की कोल्ड ड्रिंक शामिल हैं। इन कंपनियों के  5 कोल्ड ड्रिंक की जांच में इनमें भारी धातु, लेड, क्रोमियम, केडमियम और 2 एथिल हेक्सिल फाइथेलेट जैसे जहरीले तत्व मिले हैं।
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स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (डीटीएबी) ने पांच कोल्ड ड्रिंक पेप्सी, कोका कोला, माउंटेन ड्यू, स्प्राइट और 7अप को अपने सैंपल में शामिल किया था। बताते चलें कि 7 अप और माउंटेन ड्यू  पेप्सिको कंपनी के प्रोडक्ट हैं वहीं, स्प्राइट कोका कोला कंपनी का प्रोडक्ट है। इस परीक्षण के लिए इस साल फरवरी-मार्च महीने में प्रॉडक्ट्स का सैंपल लिया गया था। इसमें ये भी पाया गया कि इन तत्वों का प्रभाव कमरे का तापमान बढ़ने के साथ बढ़ भी जाता है।
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डीटीएबी के निर्देशों के अनुसार, यह परीक्षण कोलकाता में स्थित ऑल इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हाइजीन एंड पब्लिक हेल्थ (एआईआईएच एंड पीएच) के अंतर्गत कराया गया, जो कि स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतर्गत आता है।
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चेयरमैन को सौंपे जा चुके हैं टेस्ट से जुड़े रिजल्ट

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अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, एआईआईएचपीएच ने डीटीएबी के चेयरमैन जगदीश प्रसाद को इस टेस्ट से जुड़े सभी रिजल्ट कुछ दिन पहले ही सौंपे हैं। इससे पहले इस संस्थान ने विभिन्न स्वास्थ्य वर्धक दवाओं के नमूनों में भी हेवी मेटल्स पाए जाने की पुष्टि की थी।

पेप्सिको इंडिया के प्रवक्ता का कहना है, ‘हमें अभी तक न तो जांच रिपोर्ट और न ही कोई स्कैन कॉपी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। जब तक वह यह नहीं जान जाते की जांच में किस मेथडॉलॉजी का प्रयोग किया गया है, हमारे लिए इस रिपोर्ट पर कुछ कहना संभव नहीं होगा।' उन्होंने कहा कि वे अपने सभी उत्पादों में ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स’ के नियमों का पालन करते हैं और अपने उत्पादों में इन नियमों के तहत ही हेवी मेटल्स का उपयोग करते हैं।

रैंडम सैंपल के रूप में लिए थे 4 बॉटल

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बताते चलें कि (एआईआईएच एंड पीएच) ने इन प्रोडक्ट के 600 मिली साइज के 4 बॉटल विभक्त रैंडम सैंपल तरीके के रूप में लिए थे। बाद में इंस्टीट्यूट ने इस सैंपल को कोलकाता की नेशनल टेस्ट हाउस (एनटीएच) को सौंप दिया, जो कि उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत आता है।

जहां कोल्ड ड्रिंग में किसी भी प्रकार के हैवी मेटल्स के डाले जाने की अनुमति नहीं है, वहीं इस टेस्ट में क्रमश: 0.029 मिग्रा/लीटर, 0.011 मिग्रा/ली, 0.002 मिग्रा/ली, 0.017 मिग्रा/ली और 0.028मिग्रा/ली, एंटीमोनी, लेड, कैडमियम, क्रोमियम और डीईएचपी पेप्सी के प्रोडक्ट में मिले। इसके साथ ही कोका कोला में 0.006 मिग्रा/ली, 0.009 मिग्रा/ली, 0.011 मिग्रा/ली, 0.026 मिग्रा/ली और 0.026 मिग्रा/ली पूर्वोक्त भारी पदार्थ पाए गए हैं। ये रिजल्ट ॉस्प्राइट, माउंटेन ड्यू और 7अप के बिल्कुल समान हैं।  
 
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