{"_id":"5b66aa3b4f1c1b9e3e8b558d","slug":"government-should-take-a-unanimous-path-on-nrc-sharad-yadav","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनआरसी पर शरद यादव ने सरकार को घेरा, याद दिलाई जिम्मेदारी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
एनआरसी पर शरद यादव ने सरकार को घेरा, याद दिलाई जिम्मेदारी
भाषा, भोपाल
Updated Sun, 05 Aug 2018 01:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) घोषित करने से पहले सरकार को जिम्मेदारी याद दिलाते हुए लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव ने कहा कि इस मामले में सभी दलों को विमर्श कर 'सर्वसम्मत रास्ता' निकालना चाहिए था।
विज्ञापन
यादव ने ‘पीटीआई-भाषा’ से एक मुलाकात में कहा, ‘असम की समस्या पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर सरकार को इसके हल के लिए कोई सर्वसम्मत रास्ता तलाशना था। ये मैं मानता हूं कि असम का मामला है, लेकिन इसका लोकतंत्र पर असर हुआ है। उसका न्याय संगत तरीके से हल निकालना चाहिए। लेकिन लगता नहीं है कि इस सरकार के रहते इंसाफ होगा।’
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि भारतीय उपमहाद्वीप में कई लोग यहां आए और यहां से गए। यहां तिब्बत के लोग आए। जब देश बंटा तो कितने बांग्लादेशी यहां आए और कितने लोग यहां से बांग्लादेश गए। पाकिस्तान बना तो कितने लोग यहां से गए जो वहां मुहाजिर कहलाए और कितने सिख यहां आए। ये आबादियां इधर से उधर सबसे ज्यादा इस देश में ही हुई हैं। अफसोस है कि इस पर संसद में ठीक से बहस नहीं चल रही है। कौन तारिख को कौन यहां आया है, ये यदि हम ढूंढेंगे तो देश तबाह हो जाएगा।
विज्ञापन
शीर्ष अदालत द्वारा एसटी एससी एक्ट को कमजोर करने के निर्णय को रद्द करने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा मंत्रिपरिषद में नए अध्यादेश को स्वीकृति देने और संसद में लाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी दलों के समर्थन से दलित और पिछड़े वर्ग के 2 अप्रैल को हुए और आगामी 9 अगस्त को होने वाले भारत बंद के दबाव में आकर यह निर्णय लिया गया है। अम्बेडकरवादियों, शरद पवार सहित सभी दलों का 9 अगस्त को होने वाले भारत बंद को समर्थन हासिल होने की वजह से सरकार, पहले ही इस अध्यादेश को ले आई।
उन्होने कहा, ‘यह अध्यादेश वंचित समाज के संघर्ष की जीत है।’ अगले चुनाव में पार्टियों के प्रस्तावित महागठबंधन में यदि कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में उभरती है तो क्या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के लिए समर्थन होगा ? इस सवाल पर यादव ने कहा, ‘कांग्रेस ने इस मामले में स्थिति साफ कर दी है इसलिए इस पर कहने का कोई मतलब नहीं है।’
कांग्रेस पहले ही कह चुकी है कि उसका पहला लक्ष्य वर्ष 2019 में होने वाले आम चुनाव में भाजपा को सत्ता में आने से रोकना है। यादव ने कहा, ‘इस समय देश का संविधान और लोकतंत्र बचाना, किसी भी अन्य मुद्दे से अधिक अहम है। आज हमें लोकतंत्र को बचाना है, जैसे 1977 में बचाया था। उस समय घोषित आपातकाल था, लेकिन इस समय देश में अघोषित आपातकाल है। इसमें किस कोने से किस जगह से गड़बड़ होगी, कह नहीं सकते।’