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डिजिटल मीडिया में विदेशी निवेश को अक्तूबर, 2021 से पहले 26 प्रतिशत से कम करें : केंद्र सरकार
Mon, 16 Nov 2020 06:22 PM IST
दीप्ति मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Mon, 16 Nov 2020 06:22 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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केंद्र सरकार ने सोमवार को डिजिटल मीडिया को रेगुलेट करने की दिशा में पहला कदम उठाया है। केंद्र ने उन कंपनियों जिनमें विदेशी निवेश (एफडीआई) 26 प्रतिशत से ज्यादा है, उन्हें कम करके इसे 26 फीसदी करने का आदेश दिया है। इसके लिए सरकार ने कंपनियों को अगले साल अक्तूबर तक का समय दिया है।
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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर सोमवार को जारी आदेश के मुताबिक, डिजिटल मीडिया कंपनियां जो समाचार और करेंट अफेयर्स के सेगमेंट में शामिल हैं, उन्हें भारत के विदेशी फंडिंग के नियमों का पालन करना होगा। आदेश के मुताबिक जिन कंपनियों में 26 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी होगी, उन्हें इसे कम करना होगा। जिन कंपनियों में 26 प्रतिशत से कम विदेशी हिस्सेदारी है, उन्हें इससे संबंधित पूरा डिटेल्स एक महीने के अंदर देना होगा।
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इसमें शेयर होल्डिंग से संबंधित पूरी जानकारी होनी चाहिए। इसके साथ ही संस्थान का स्थायी खाता संख्या, ऑडिट रिपोर्ट के साथ नवीनतम प्रॉफिट एंड लॉस बैलेंस शीट की भी सूचना मंत्रालय को देनी होगी। मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, इस तरह की कंपनियों को उनके डायरेक्टर्स, प्रमोटर्स और शेयर धारकों की पूरी जानकारी सरकार को देनी होगी।
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इक्विटी स्ट्रक्चर वाली कंपनियां भी देंगी जानकारी
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव अमरेंद्र सिंह द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि वो कंपनियां, जिनका फिलहाल इक्विटी का स्ट्रक्चर है और विदेशी निवेश 26 प्रतिशत से ज्यादा है, उन्हें भी इसी तरह का विवरण देना होगा। उन्हें एक महीने के भीतर यह बताना होगा कि वे कैसे और किस तरह से विदेशी हिस्सेदारी को कम करेंगी। हिस्सेदारी कम करने के लिए उन्हें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से मंजूरी लेनी होगी।
मोदी ने पिछले साल एफडीआई घटाने का जिक्र किया
बता दें कि पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने डिजिटल मीडिया के जरिये अपलोडिंग या खबरों के प्रसारण या करेंट अफेयर्स से जुड़ी कंपनियों में विदेशी निवेश को घटाने की जरूरत बताई थी। उसी के एक साल बाद अब यह फैसला आ गया है।
नए निवेश के लिए लेनी होगी मंजूरी
डिजिटल मीडिया क्षेत्र की वे कंपनिया जो नया विदेशी लाना चाहती हैं, उन्हें भी केंद्र सरकार से मंजूरी लेनी होगी। यह मंजूरी फॉरेन इन्वेस्टमेंट फेसिलिटेशन पोर्टल से लेनी होगी। यह पोर्टल डीपीआईआईटी के रूप में है।वहीं कंपनियों को विदेशी कर्मियों की तैनाती से पहले मंत्रालय की स्वीकृति लेनी होगी, इसके बाद विदेशी कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
पिछले हफ्ते ही सरकार ने डिजिटल मीडिया को रेगुलेशन के तहत लाने की बात कही थी। केंद्र सरकार ने नेटफ्लिक्स, हॉटस्टार और अमेजन प्राइम जैसी ओटीटी पर जारी होने वाली फिल्मों समेत सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली ऑडियो विजुअल्स, समाचार और करंट अफेयर्स कंटेट पर अपनी निगरानी बढ़ा दी है। केंद्र सरकार के नए आदेश के मुताबिक, अब ये सभी सूचना और प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) के डोमेन में आएंगे। अब इन पर मंत्रालय की निगरानी रहेगी कि इन चैनलों पर क्या प्रसारित हो रहा है।
केंद्र सरकार ने बुधवार को नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें कहा गया था कि ओटीटी प्लेटफॉर्म समेत ऑनलाइन न्यूज पोर्टल भी अब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के दायरे में आएंगे। इससे पहले नेटफ्लिक्स, हॉटस्टार और अमेजन प्राइम जैसी ओटीटी पर आने वाली फिल्मों और वेब सीरीज के लिए कोई सेंसर बोर्ड जैसी नियामकीय संस्था नहीं थी।