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पेरिस समझौता लागू कराने के लिए सरकार ने गठित की उच्चस्तरीय समिति
Thu, 03 Dec 2020 02:52 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 03 Dec 2020 02:52 AM IST
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जलवायु परिवर्तन
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केंद्रीय पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने पेरिस समझौते के प्रावधानों को लागू कराने के लिए एक उच्च स्तरीय अंतरमंत्रालयी शीर्ष समिति (एआईपीए) का गठन किया, जिसका नेतृत्व मंत्रालय के सचिव को सौंपा गया है। मंत्रालय के मुताबिक, इस समिति का गठन जलवायु परिवर्तन पर बातचीत चलाने के लिए भारत की गंभीरता की पुष्टि करने वाला एक और कदम है।
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एआईपीए का लक्ष्य जलवायु परिवर्तन के मामलों पर एक समन्वित प्रयास करके देश में कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए प्रयास करना है, जिससे भारत का राष्ट्रीय स्तर पर पेरिस समझौते के तहत अपने दायित्वों को पूरा करने की दिशा में निर्धारित योगदान देना सुनिश्चित हो सके। इस समिति में 14 मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों को रखा गया है। यह समिति प्रधानमंत्री के तहत काम करने वाली राष्ट्रीय परिषद के साथ मिलकर काम करेगी।
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पेरिस समझौते के अनुच्छेद-6 के तहत एआईपीए भारतीय कार्बन बाजारों को विनियमित करने के लिए एक राष्ट्रीय प्राधिकरण की तरह काम करेगी।
इसमें अनुच्छेद-6 के दायरे में आने वाली परियोजनाओं या गतिविधियों के लिए गाइडलाइंस तैयार करना, कार्बन मूल्य निर्धारण के लिए गाइडलाइंस जारी करना, मार्केट मैकेनिज्म तैयार करना और एक ऐसा तंत्र विकसित करना, जिसका सीधे तौर पर जलवायु परिवर्तन और राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) पर असर पड़ता है।
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यह समिति जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में निजी सेक्टर के साथ ही बहुपक्षीय व द्विपक्षीय एजेंसियों के योगदान पर भी ध्यान देगी और उन्हें अपने जलवायु से जुड़े कदमों को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप करने की राह दिखाएगी।