{"_id":"5a7bbd934f1c1b641f8b4805","slug":"government-says-information-on-rafael-will-be-compromised-with-national-security","type":"story","status":"publish","title_hn":"राफेल पर जानकारी देना राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता होगा: सरकार","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
राफेल पर जानकारी देना राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता होगा: सरकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 08 Feb 2018 08:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार ने 58 हजार करोड़ के 36 राफेल जेट के सौदे के संबंध में विपक्ष के आरोपों को ‘निराधार’ बताया। सरकार ने कहा कि इस संबंध में विवरण के खुलासे की मांग अव्यावहारिक है और ऐसा करना राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने के बराबर होगा।
विज्ञापन
सरकार की तरफ से कहा गया है कि राफेल सौदे के मूल्य और ब्योरे को सार्वजनिक किए जाने की मांग की जा रही है जो मुमकिन नहीं है। गोपनीयता की शर्तों के मुताबिक, यूपीए सरकार ने भी कई रक्षा सौदों का ब्योरा सार्वजनिक करने में असहमति जताई थी। संसद में पूछे गए सवालों पर भी यही रुख अपनाया था।
विज्ञापन
सरकार ने कहा है कि राफेल विमान की मोटे तौर की लागत की जानकारी संसद को दी जा चुकी है। आइटम के लिहाज से लागत और अन्य सूचनाएं बताने पर वे सूचनाएं भी आम हो जाएंगी, जिनके तहत इन विमानों का कस्टमाइजेशन और वेपन सिस्टम से लैस किया जाएगा।
विज्ञापन
यह काम विशेष तौर पर मारक क्षमता बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। अगर इनका खुलासा हुआ तो सैन्य तैयारियों पर असर पड़ेगा। इस तरह ब्यौरे 2008 में साइन किए गए सुरक्षा समझौते के दायरे में भी आएंगे। कॉन्ट्रैक्ट के ब्यौरे के आइटम के हिसाब से आम न करके सरकार भारत और फ्रांस के बीच हुए उस समझौते का पालन भर कर रही है, जिस पर पिछली सरकार ने हस्ताक्षर किए थे।
बता दें कि 36 राफेल विमानों के लिए 2016 में भारत और फ्रांस की सरकारों के बीच समझौता हुआ था। कांग्रेस इस डील पर सवाल उठा रही है।