मधुमेह, कैंसर जैसी असंक्रामक बीमारियों को रोकने के लिए सरकार का मास्टर प्लान तैयार
- गांव-गांव में अंसक्रमित रोगों से बचाएगा बीजीआर-34
- सीएसआईआर के शोध को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने का मास्टर प्लान
- डेढ़ लाख हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर इलाज होगा मौजूद
- मधुमेह, गुर्दा इत्यादि से जुड़ी बीमारियों का आयुर्वेद पद्धति से मिलेगा इलाज
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मधुमेह, तनाव, रक्तचाप, कैंसर और कार्डियोवास्कुलर जैसी असंक्रमित बीमारियों को रोकने के लिए सरकार ने अब मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। इन बीमारियों और इनसे ग्रस्त करोड़ों मरीजों को सरकार भारतीय वैज्ञानिकों के शोध में निर्मित बीजीआर-34 सहित कई तरह के आयुर्वेद उपचार का लाभ देगी। प्रधानमंत्री जनआरोग्य अभियान के तहत देश भर में तैयार हो रहे करीब डेढ़ लाख हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर इन्हें उपलब्ध भी कराया जाएगा।
हाल ही में सीएसआईआर ने मधुमेह पर शोध करते हुए भारतीय मरीजों के लिए बीजीआर-34 को तैयार किया था। आयुष मंत्रालय के अनुसार अभी तक इसके परिणाम काफी सटीक मिले हैं। ये भी देखा गया है कि 30 वर्ष से कम आयु के मधुमेह रोगियों में आयुर्वेद के इस उपचार ने बीमारी को खत्म कर दिया।
सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आयुष व विज्ञान मंत्रालय को एकसाथ लेकर योजना बनाई है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत आने वाले वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान (सीएसआईआर) और डीआरडीओ के वैज्ञानिकों द्वारा तैयार आयुर्वेद के नए उपचार को ग्रामीण क्षेत्रों तक उपलब्ध कराने की योजना में है।
2021 तक देश के सभी जिलों में यह उपचार उपलब्ध करा सकता है आयुष मंत्रालय
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत आयुष मंत्रालय वर्ष 2021 तक देश के सभी जिलों में इस उपचार उपलब्ध करा सकता है। छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान और अब उत्तर प्रदेश में इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। बताया जा रहा है कि पहले चरण में करीब 24 हजार केंद्रों को शुरू किया जाएगा।
आयुष मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि बीजीआर-34 के अलावा डीआरडीओ की ल्यूकोस्किन, नीरी केएफ्टी जैसे इलाज के अलावा योग भी केंद्रों तक उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए अभी कुछ राज्यों से प्रस्ताव आना शेष है। इसके बाद पूरे देश में ये सुविधाएं शुरू हो जाएंगी।
उन्होंने ये भी बताया कि हाल ही में ग्वालियर स्थित जीवाजी विवि से आयुर्वेद में नैनो तकनीक पर शोध के लिए करार भी हुआ है। इस तकनीक के जरिए आने वाले दिनों में आयुर्वेद से जुड़े और भी महत्वपूर्ण उपचार पूरी दुनिया के सामने होंगे।