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कोविशील्ड वैक्सीन के साथ स्वदेशी टीके को भी अनुमति देने की तैयारी
Sat, 02 Jan 2021 03:56 AM IST
Kuldeep Singh
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 02 Jan 2021 03:56 AM IST
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कोविड-19 की वैक्सीन
- फोटो : pixabay
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कोरोना वायरस से बचाव के लिए कोविशील्ड भले ही देश का पहला टीका बन गया है, लेकिन आने वाले दिनों में इसके साथ स्वदेशी टीके को भी लाया जाएगा। अमर उजाला को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के तहत शुक्रवार को हुई बैठक में विशेषज्ञ समिति की ओर से कोविशील्ड को शर्तों के साथ इस्तेमाल की अनुमति देने की सिफारिश की गई। वहीं, भारत बायोटेक से भी समिति ने जल्द से जल्द तीसरा परीक्षण पूरा करने के लिए कहा है।
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भारत बायोटेक से कोवैक्सीन का परीक्षण जल्द खत्म करने के निर्देश
अभी हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक के कोवैक्सीन टीका पर तीसरे चरण का परीक्षण चल रहा है, लेकिन कई जगहों पर वॉलंटियर कम होने की वजह से इसमें देरी हो रही है। उदाहरण के तौर पर दिल्ली एम्स की बात करें तो यहां 1500 लोगों को परीक्षण में शामिल किया जाना था और 31 दिसंबर तक परीक्षण पूरा करना था।
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हालांकि, अब तक 500 लोगों का ही पंजीयन हो पाया है। इसके चलते पंजीयन की अंतिम तिथि भी आगे बढ़ानी पड़ी। भारतीय दवा महानियंत्रक के ही एक वरिष्ठ अधिकारी ने बैठक खत्म होने के बाद बताया कि कोविशील्ड से जुड़े सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सभी दस्तावेज पूरे हैं। समिति की ओर से कोविशील्ड को अनुमति देने की सिफारिश की गई है, लेकिन भारत बायोटेक से भी जल्द ही परीक्षण पूरा करने के लिए कहा है।
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दो-दो खुराक लेनी होगी
अधिकारी ने बताया कि एकसाथ देश में दो तरह के टीके आएंगे जिनकी दो-दो खुराक लेनी होगी। सरकार ने नियम बनाया है कि एक जिले में केवल एक ही कंपनी या एक ही तरह का टीका लग सकता है क्योंकि अगर कोई प्रतिकूल घटना सामने आती है तो ऐसे में टीके पर तत्काल रोक लगाई जा सकेगी। अब अगर कोविशील्ड को पहले अनुमति मिलती है और वह अपनी खुराक राज्यों तक पहुंचाना शुरू करता है तो पूरे देश में एक ही तरह का टीका होने लगेगा। इसलिए सरकार एकसाथ दो कंपनी के टीका को लाना चाहती है। इसके बाद ही टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया जा सकता है।
मार्च से देश में टीकाकरण कार्यक्रम शुरू होने की उम्मीद
एक सवाल पर आईसीएमआर के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. रमन आर गंगाखेड़कर ने बताया कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि मार्च से देश में टीकाकरण कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। अनुमति मिलने के बाद भी दो माह लगने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में अभी बहुत कुछ होना बाकी है। अनुमति मिलने के साथ साथ भंडारण को भी देखना है।