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सरकार ने ब्लॉक कर दीं 3,500 चाइल्ड पोर्नोग्राफी साइट

Sat, 15 Jul 2017 03:04 AM IST
अमर उजाला/ ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला/ ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Sat, 15 Jul 2017 03:04 AM IST
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Government blocked 3,500 child pornography sites
Child pornography

केंद्र सरकार ने पिछले महीने 3522 चाइल्ड पोर्नोग्राफी वेबसाइटों को ब्लॉक कर दिया है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी है। इसके साथ ही सरकार ने सीबीएसई से कहा है कि वह  स्कूलों को जैमर लगाने का निर्देश दे ताकि इस तरह की वेबसाइटों पर रोक लग सके। 

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एडिशनल सॉलिसिटर जनरल(एएसजी) पिंकी आनंद ने न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच को बताया कि इंटरनेट पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर लगाम लगाने को लेकर सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि सीबीएसई को स्कूलों में जैमर लगाने पर विचार करने के लिए कहा गया है।
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इसकेबाद पीठ ने एएसजी पिंकी आनंद को विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई चार हफ्ते के टाल दी। सरकार को रिपोर्ट में यह बताने केलिए कहा गया है कि अब तक इस मसले पर उसकी ओर से क्या-क्या कदम उठाए गए हैं।

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Government blocked 3,500 child pornography sites
child pornography

पीठ ने कहा कि विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट पर गौर करने के बाद इस पर रोकथाम के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए।  मालूम हो कि गत वर्ष दिसंबर में केंद्र सरकार ने बताया था कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी और इंटरनेट पर यौन शोषण की घटनाओं में हो रही वृद्धि को देखते हुए इंटरपोल से भी बातचीत की गई है।

शीर्ष अदालत इंदौर निवासी कमलेश वासवानी की याचिका पर सुनवाई कर रही है। याचिका में चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर पूरी तरह से पांबदी लगाने की मांग की गई है।  महिला वकीलों की अहम भूमिका  बाल यौन शोषण रोकने में सुप्रीम कोर्ट के महिला वकीलों के संगठन विमेन लॉयर्स एसोसिएशन ने खासी दिलचस्पी ली है।

संगठन इस मामले में पक्षकार बना हुआ है। एसोसिएशन के मुताबिक ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जब स्कूल बस का ड्राइवर अश्लील वीडियो देख रहा था। इतना ही नहीं कभी-कभी तो वह बच्चों को भी यह देखने के लिए दबाव डालता मिला। इस पर अदालत ने कहा था बच्चों के साथ इस तरह के व्यवहार को राष्ट्र सहन नहीं कर सकता। 

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