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India AI Impact Summit 2026: गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने एआई समिट में चखी भारतीय कॉफी, पीते ही बोले- वॉव
Thu, 19 Feb 2026 03:37 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Thu, 19 Feb 2026 03:37 PM IST
सार
राजधानी में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन हो रहा है। इसके चौथे दिन एक खास पल देखने को मिला। दिग्गज टेक कंपनी अल्फाबेट और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भारत जीआई कॉफी लाउंज में भारतीय कॉफी का स्वाद चखा।
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गूगल प्रमुख भारतीय कॉफी के मुरीद हुए
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के चौथे दिन एक खास पल देखने को मिला। दिग्गज टेक कंपनी अल्फाबेट और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भारत जीआई कॉफी लाउंज में भारतीय कॉफी का स्वाद चखी।
गूगल प्रमुख ने खासतौर पर मालाबार अरेबिका कॉफी की तारीफ करते हुए कहा कि यह उनके दिल के बेहद करीब है। डीपीआईआईटी द्वारा स्थापित भारत जीआई कॉफी लाउंज में पिचाई ने न सिर्फ कॉफी का आनंद लिया, बल्कि बारिस्टा से बातचीत की और ग्रुप तस्वीर भी खिंचवाई।
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यह भी पढ़ें- Karnataka: डीके शिवकुमार और राहुल गांधी पर बरसे भाजपा नेता, कर्नाटक में कचरा विवाद पर छिड़ी सियासी जंग
पीएम मोदी ने समिट का उद्घाटन किया
अराकू से लेकर कूर्ग तक की प्रीमियम जीआई कॉफी ने एआई समिट में सभी का ध्यान आकर्षित किया। यह लाउंज भारत की पारंपरिक विरासत (जीआई), डिजिटल भुगतान प्रणाली (यूपीआई) और आधुनिक तकनीक (एआई) के संगम का प्रतीक बन गया। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समिट का उद्घाटन किया। जिसमें भारत और विदेश के कई बड़े नेता और उद्योग जगत के दिग्गज शामिल हुए।
भारत में बदलाव की रफ्तार बेहद प्रभावशाली- पिचाई
इससे पहले अपने संबोधन में सुंदर पिचाई ने कहा कि भारत में बदलाव की रफ्तार बेहद प्रभावशाली है। उन्होंने बताया कि गूगल भारत-अमेरिका कनेक्ट पहल के तहत अमेरिका और भारत के बीच समुद्र के नीचे फाइबर ऑप्टिक केबल का विशाल नेटवर्क बिछा रहा है, जिसमें चार नई प्रणालियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि एआई के क्षेत्र में साहसिक कदम उठाने की जरूरत है, क्योंकि यह अरबों लोगों के जीवन को बदल सकता है।
यह भी पढ़ें- Mimi Chakraborty: टीएमसी की पूर्व सांसद मिमी चक्रवर्ती की बढ़ी मुश्किलें, मिला 20 लाख का मानहानि नोटिस
पिचाई ने उदाहरण देते हुए बताया कि पिछले 50 वर्षों से प्रोटीन संरचना की भविष्यवाणी एक बड़ी चुनौती थी, जिससे दवा खोज की प्रक्रिया प्रभावित होती थी। लेकिन आज एआई की मदद से 190 देशों के 30 लाख से अधिक शोधकर्ता इसका उपयोग कर रहे हैं और मलेरिया जैसी बीमारियों के टीके विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि गूगल भारत में 15 अरब डॉलर के निवेश के तहत एक पूर्ण एआई हब स्थापित कर रहा है। कंपनी स्वास्थ्य, कृषि, स्टार्टअप और अन्य क्षेत्रों में एआई का व्यापक उपयोग कर रही है।
इसकी इनपुट आईएएनएस से है।
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गूगल प्रमुख ने खासतौर पर मालाबार अरेबिका कॉफी की तारीफ करते हुए कहा कि यह उनके दिल के बेहद करीब है। डीपीआईआईटी द्वारा स्थापित भारत जीआई कॉफी लाउंज में पिचाई ने न सिर्फ कॉफी का आनंद लिया, बल्कि बारिस्टा से बातचीत की और ग्रुप तस्वीर भी खिंचवाई।
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पीएम मोदी ने समिट का उद्घाटन किया
अराकू से लेकर कूर्ग तक की प्रीमियम जीआई कॉफी ने एआई समिट में सभी का ध्यान आकर्षित किया। यह लाउंज भारत की पारंपरिक विरासत (जीआई), डिजिटल भुगतान प्रणाली (यूपीआई) और आधुनिक तकनीक (एआई) के संगम का प्रतीक बन गया। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समिट का उद्घाटन किया। जिसमें भारत और विदेश के कई बड़े नेता और उद्योग जगत के दिग्गज शामिल हुए।
भारत में बदलाव की रफ्तार बेहद प्रभावशाली- पिचाई
इससे पहले अपने संबोधन में सुंदर पिचाई ने कहा कि भारत में बदलाव की रफ्तार बेहद प्रभावशाली है। उन्होंने बताया कि गूगल भारत-अमेरिका कनेक्ट पहल के तहत अमेरिका और भारत के बीच समुद्र के नीचे फाइबर ऑप्टिक केबल का विशाल नेटवर्क बिछा रहा है, जिसमें चार नई प्रणालियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि एआई के क्षेत्र में साहसिक कदम उठाने की जरूरत है, क्योंकि यह अरबों लोगों के जीवन को बदल सकता है।
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पिचाई ने उदाहरण देते हुए बताया कि पिछले 50 वर्षों से प्रोटीन संरचना की भविष्यवाणी एक बड़ी चुनौती थी, जिससे दवा खोज की प्रक्रिया प्रभावित होती थी। लेकिन आज एआई की मदद से 190 देशों के 30 लाख से अधिक शोधकर्ता इसका उपयोग कर रहे हैं और मलेरिया जैसी बीमारियों के टीके विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि गूगल भारत में 15 अरब डॉलर के निवेश के तहत एक पूर्ण एआई हब स्थापित कर रहा है। कंपनी स्वास्थ्य, कृषि, स्टार्टअप और अन्य क्षेत्रों में एआई का व्यापक उपयोग कर रही है।
इसकी इनपुट आईएएनएस से है।
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