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Maharashtra: पुणे नगर आयुक्त के सरकारी आवास से सामान गायब, महाविकास अघाड़ी कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
Thu, 07 Aug 2025 09:43 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Published by: बशु जैन
Updated Thu, 07 Aug 2025 09:43 PM IST
सार
31 मई को नगर आयुक्त राजेंद्र भोसले सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्होंने हाल ही में अपना सरकारी आवास छोड़ा है। इसके बाद नगर आयुक्त नवल किशोर राम ने कार्यभार संभाला और सरकारी आवास में पहुंचे। इस बीच मीडिया में खबरें आईं कि नगर आयुक्त के आवास से प्राचीन लैंप, झूमर, एयर कंडीशनर और टेलीविजन सेट गायब हो गया है। इसे लेकर एमवीए ने प्रदर्शन किया।
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महाविकास अघाड़ी के नेता
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
पुणे नगर आयुक्त के सरकारी आवास से सामान गायब हो गया। इसके विरोध में नगर निगम के बाहर महाविकास अघाड़ी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मामला दर्ज करने की मांग की। हालात यह हो गए कि कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए नगर आयुक्त के कार्यालय में घुस गए। इस वक्त नगर आयुक्त बैठक कर रहे थे। बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर नगर आयुक्त और महाविकास अघाड़ी कार्यकर्ताओं में बहस हो गई।
31 मई को नगर आयुक्त राजेंद्र भोसले सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्होंने हाल ही में अपना सरकारी आवास छोड़ा है। इसके बाद नगर आयुक्त नवल किशोर राम ने कार्यभार संभाला और सरकारी आवास में पहुंचे। इस बीच मीडिया में खबरें आईं कि नगर आयुक्त के आवास से प्राचीन लैंप, झूमर, एयर कंडीशनर और टेलीविजन सेट गायब हो गया है।
इसे लेकर एनसीपी (एसपी) शहर इकाई के अध्यक्ष प्रशांत जगताप ने आरोप लगाया कि भोसले सेवानिवृत्ति के बाद बंगला खाली करते समय कुछ घरेलू सामान अपने साथ ले गए। उन्होंने कहा कि घरेलू सामान गायब होने की खबर फैलने के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ता स्पष्टीकरण मांगने के लिए नगर आयुक्त के पास गए, लेकिन उन्हें वहां से भगा दिया गया।
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उन्होंने कहा कि भोसले के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए और पीएमसी को किशोर शिंदे सहित मनसे नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए माफी मांगनी चाहिए।
हालांकि पूर्व नगर आयुक्त राजेंद्र भोसले ने सभी आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि मैंने बंगले से कुछ भी नहीं लिया है। जो कुछ भी मेरा था, सिर्फ वही चीजें मैं बंगला खाली करते समय अपने साथ ले गया था। जो मेरा नहीं था, उसे ले जाने का सवाल ही नहीं उठता। वर्तमान नगर आयुक्त को सूची की जांच करनी चाहिए। वर्तमान नगर आयुक्त ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
नगर आयुक्त के केबिन में घुसे मनसे कार्यकर्ता
बुधवार शाम को पुणे नगर निगम में मनसे कार्यकर्ता नगर आयुक्त नवल किशोर राम के केबिन में उस समय घुस गए जब वह एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस पर नगर आयुक्त मनसे कार्यकर्ता किशोर शिंदे को हिंदी में कार्यालय से बाहर जाने को कहा। इस पर शिंदे ने राम से मराठी में बात करने की मांग की। सुरक्षाकर्मियों ने शिंदे और उनके समर्थकों को कार्यालय से बाहर निकाल दिया।
बाद में उन्हें शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन ले जाया गया और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 132 (किसी लोक सेवक को उसके कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पीएमसी के कर्मचारी संगठनों ने मनसे कार्यकर्ताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। वहीं शहर कांग्रेस प्रमुख अरविंद शिंदे ने मनसे नेता किशोर शिंदे को कथित तौर पर गुंडा कहने पर नगर आयुक्त राम की आलोचना की। उन्होंने कहा कि क्या आप एक ऐसे जनप्रतिनिधि को गुंडा कहेंगे जो दो बार पार्षद रहा हो और कई बार विधानसभा चुनाव लड़ा हो?
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31 मई को नगर आयुक्त राजेंद्र भोसले सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्होंने हाल ही में अपना सरकारी आवास छोड़ा है। इसके बाद नगर आयुक्त नवल किशोर राम ने कार्यभार संभाला और सरकारी आवास में पहुंचे। इस बीच मीडिया में खबरें आईं कि नगर आयुक्त के आवास से प्राचीन लैंप, झूमर, एयर कंडीशनर और टेलीविजन सेट गायब हो गया है।
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इसे लेकर एनसीपी (एसपी) शहर इकाई के अध्यक्ष प्रशांत जगताप ने आरोप लगाया कि भोसले सेवानिवृत्ति के बाद बंगला खाली करते समय कुछ घरेलू सामान अपने साथ ले गए। उन्होंने कहा कि घरेलू सामान गायब होने की खबर फैलने के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ता स्पष्टीकरण मांगने के लिए नगर आयुक्त के पास गए, लेकिन उन्हें वहां से भगा दिया गया।
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उन्होंने कहा कि भोसले के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए और पीएमसी को किशोर शिंदे सहित मनसे नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए माफी मांगनी चाहिए।
हालांकि पूर्व नगर आयुक्त राजेंद्र भोसले ने सभी आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि मैंने बंगले से कुछ भी नहीं लिया है। जो कुछ भी मेरा था, सिर्फ वही चीजें मैं बंगला खाली करते समय अपने साथ ले गया था। जो मेरा नहीं था, उसे ले जाने का सवाल ही नहीं उठता। वर्तमान नगर आयुक्त को सूची की जांच करनी चाहिए। वर्तमान नगर आयुक्त ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
नगर आयुक्त के केबिन में घुसे मनसे कार्यकर्ता
बुधवार शाम को पुणे नगर निगम में मनसे कार्यकर्ता नगर आयुक्त नवल किशोर राम के केबिन में उस समय घुस गए जब वह एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस पर नगर आयुक्त मनसे कार्यकर्ता किशोर शिंदे को हिंदी में कार्यालय से बाहर जाने को कहा। इस पर शिंदे ने राम से मराठी में बात करने की मांग की। सुरक्षाकर्मियों ने शिंदे और उनके समर्थकों को कार्यालय से बाहर निकाल दिया।
बाद में उन्हें शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन ले जाया गया और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 132 (किसी लोक सेवक को उसके कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पीएमसी के कर्मचारी संगठनों ने मनसे कार्यकर्ताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। वहीं शहर कांग्रेस प्रमुख अरविंद शिंदे ने मनसे नेता किशोर शिंदे को कथित तौर पर गुंडा कहने पर नगर आयुक्त राम की आलोचना की। उन्होंने कहा कि क्या आप एक ऐसे जनप्रतिनिधि को गुंडा कहेंगे जो दो बार पार्षद रहा हो और कई बार विधानसभा चुनाव लड़ा हो?