फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Goa minister Vishwajit Rane seen to be behind luring two Congress MLAs into BJP

कांग्रेसी विधायकों को लुभाने के पीछे देखा जा रहा है गोवा के मंत्री राणे का हाथ

Wed, 17 Oct 2018 10:26 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 17 Oct 2018 10:26 AM IST
विज्ञापन
Goa minister Vishwajit Rane seen to be behind luring two Congress MLAs into BJP
राणे

सियासी गलियारों में इन दिनों कांग्रेस से भाजपा में आए नेता और गोवा सरकार में मंत्री विश्वजीत प्रताप राणे के नाम के चर्चे चल रहे हैं। माना जा रहा है कि जिन दो कांग्रेसी विधायकों ने भाजपा का दामन थामा है, उन्हें लुभाने में राणे की बड़ी भूमिका रही है। इस घटनाक्रम के बाद विधानसभा की तस्वीर ही बदल गई है। 

विज्ञापन


बताया जा रहा है कि कांग्रेसी विधायक सुभाष शिरोडकर और दयानंद सोपते के मंगलवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मिलने से पहले ही राणे दिल्ली आ पहुंचे थे। इसके बाद शिरोडकर और सोपते ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। अब विधानसभा में बीजेपी और कांग्रेस के सदस्यों की संख्या बराबर हो गई है। राणे पर हमला करते हुए विपक्ष के नेता चंद्रकांत कावलेकर ने कहा कि जनता उन्हे सबक सिखाएगी। 
विज्ञापन


मंगलवार को कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि राणे खुद को गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर का उत्तराधिकारी दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि इस बात से बीजेपी ने इनकार किया है लेकिन इस तरह के दिखावे और कयासबाजी से पार्टी में हलचल होना स्वाभाविक है। अपना नाम न बताने की शर्त पर  बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि अगर राणे को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो वे पार्टी को कुछ ही सालों में पूरी तरह से खत्म कर डालेंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रताप सिंह राणे के साहबजादे हैं विश्वजीत राणे

आपको बता दें कि विश्वजीत राणे गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य में सबसे ज्यादा बार चुने जाने गए विधायक की हैसियत रखने वाले प्रताप सिंह राणे के साहबजादे हैं। विश्वजीत पहली बार 2007 में आजाद उम्मीदवार के तौर पर विधानसभा पहुंचे थे। वे दिगंबर कामत वाली कांग्रेस की गठबंधन सरकार में स्वास्थ्य मंत्री भी रहे। 

2017 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी लेकिन वह सरकार नहीं बना सकी। उस समय सबसे पहले बगावत का बिगुल राणे ने ही बजाया था। तब उन्होंने कांग्रेस के पर्यवेक्षक दिग्विजय सिंह पर हालात की जिम्मेदारी ठहराई थी। उनका यह भी कहना था कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने उनकी बात ही नहीं सुनी। 


गौरतलब है कि राणे, परिकर के विश्वास प्रस्ताव में शामिल होने से भी खुद को बचा गए थे और उसके एक सप्ताह बाद ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। वे बीजेपी के टिकट पर दोबारा चुने गए और परिकर सरकार में बतौर स्वास्थ्य मंत्री शामिल हुए। परिकर की बीमारी के दौरान भी राणे ने मौन साधे रखा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed