गोवा में सरकार गठन को लेकर कांग्रेस MLA का वार, कहा- ये पार्टी नेतृत्व की असफलता
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गोवा में आज जहां मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व में सरकार शपथ लेने जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। कांग्रेस की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। उधर, कांग्रेस के एक विधायक ने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कांग्रेस विधायक विश्वजीत राणे ने कहा कि ये पार्टी नेतृत्व की घोर विफलता है कि 17 सीटें जीतने के बावजूद हम सरकार नहीं बना पाए। उन्होंने कहा कि पार्टी में निर्णय लेने की प्रक्रिया बहुत धीमी है।
Despite having 17 seats couldn't form govt,our decision making was slow. There were lapses in decision making: Vishwajit Rane, Cong MLA #Goa pic.twitter.com/WQrhnSGBnH
— ANI (@ANI_news) March 14, 2017विज्ञापन
उधर, कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह पणजी में डेरा डाले हुए हैं। आज कांग्रेस हाउस में पार्टी के विधायकों की बैठक बुलाई गई है। बताया जा रहा है कि दिग्विजय सिंह के साथ सभी विधायक बैठक के बाद राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।
Panjim: Congress Legislative Party to meet at Congress House. All Congress MLAs along with Digvijaya Singh will meet Guv post CLP meet #Goa pic.twitter.com/csWQDIXIeP
— ANI (@ANI_news) March 14, 2017
दिग्विजय सिंह ने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली में जब बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी थी तो उन्हें पहले सरकार बनाने के न्योता मिला था, उनके मना करने पर AAP-कांग्रेस की सरकार बनी थी। उन्होंने कहा कि राज्यपाल को संविधान के तहत काम करना चाहिए और सबसे बड़ी पार्टी को पहले सरकार बनाने का न्यौता देना चाहिए।
In Delhi whn BJP was largest party they were called to form govt but they refused,thats when AAP was invited so AAP-Cong formed govt-D.Singh pic.twitter.com/n3xfIYgTHl
— ANI (@ANI_news) March 14, 2017
पर्रिकर की ताजपोशी से पहले कांग्रेस ने राज्यपाल मृदुला सिन्हा से आग्रह किया है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते उसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाए। राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में कांग्रेस विधायक दल ने दावा किया कि पार्टी के पास विधायकों का पर्याप्त समर्थन है और वह सदन के पटल पर बहुत साबित कर सकती है।
दरअसल कांग्रेस राज्य में 17 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है। वहीं, भाजपा को 13 सीटें मिलीं। बहुमत से कम सीटें होने के बावजूद बीजेपी ने अन्य दलों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश किया है। कांग्रेस को विजय सरदेसाई और कुछ अन्य निर्दलिय विधायकों से समर्थन की आस लगी थी, लेकिन बीजेपी ने सारा खेल ही पलट दिया। दिग्विजय सिंह ने राज्य में सरकार नहीं बनाने की जिम्मेदारी लेते हुए सरदेसाई और निर्दलीय विधायक रोहन खुंटे पर कांग्रेस के साथ धोखा देने का आरोप लगाया।