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पायलट ने गलत के बजाय सही इंजन किया बंद, 3100 फीट की ऊंचाई पर हुआ गलती का अहसास
Wed, 06 Feb 2019 03:54 PM IST
Shilpa Thakur
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shilpa Thakur
Updated Wed, 06 Feb 2019 03:54 PM IST
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गोएयर के पायलटों ने दिल्ली से मुंबई जा रही उड़ान संख्या ए320 के एक इंजन को लेकर बड़ी लापरवाही की है। दरअसल इंजन से पक्षी के टकराने के बाद पायलटों ने गलत के बजाय सही इंजन को बंद कर दिया। उस वक्त विमान करीब 3100 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। जब 3330 फीट की ऊंचाई पर भी दिक्कत दूर नहीं हुई तो विमान को वापस दिल्ली एयरपोर्ट पर लाया गया। हैरानी की बात तो ये है कि विमान खराब इंजन के सहारे करीब तीन मिनट तक उड़ता रहा। विमान में 156 यात्री सवार थे।
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ये मामला 21 जून, 2017 की सुबह 5.58 बजे का है। मामले पर डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) की रिपोर्ट अभी आई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि उड़ान के दौरान पक्षी नंबर दो इंजन से टकरा गया और तेज आवाज आने लगी। जिसके बाद नंबर दो इंजन बंद करने का फैसला लिया गया।
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पायलटों को लगा कि ऊंचाई पर पहुंचने के बाद ये समस्या हल हो जाएगी। लेकिन गलती से उन्होंने नंबर एक इंजन बंद कर दिया था। जब उन्हें 3100 फीट की ऊंचाई पर अपनी गलती का अहसास हुआ तो नंबर एक इंजन को दोबारा शुरू किया गया लेकिन वह तत्काल चालू नहीं हुआ। पायलटों से इसके बाद काफी कोशिश की, तब जाकर 3108 फीट की ऊंचाई पर इंजन ने काम करना शुरू किया। फिर विमान को वापस दिल्ली लाने का फैसला किया गया।
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जिस वक्त विमान ने लैंड किया तब उसका नंबर एक इंजन ही काम कर रहा था जबकि नंबर दो इंजन पर खून के धब्बे मिले। इंजन के दो ब्लेड पक्षी के टकराने से खराब हो गए थे। अब डीजीसीए ने पायलटों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रू मेंबरों ने खराबी का गलत आकलन किया और तय मानकों का भी पालन नहीं किया। इन्होंने आपातकाल के समय गलत फैसला लेकर सैंकड़ों यात्रियों की जान को खतरे में डाला।