{"_id":"5c73666ebdec22738e36bd31","slug":"girls-are-happy-after-getting-nameplates-of-theirs-names-under-una-utkarsh-scheme","type":"story","status":"publish","title_hn":"यहां लड़कियों के नाम पर रखे जा रहे दुकानों के नाम, सरकार की नई स्कीम से बेटियां खुश","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
यहां लड़कियों के नाम पर रखे जा रहे दुकानों के नाम, सरकार की नई स्कीम से बेटियां खुश
Mon, 25 Feb 2019 09:22 AM IST
Shilpa Thakur
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shilpa Thakur
Updated Mon, 25 Feb 2019 09:22 AM IST
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : pexels.com
हिमाचल प्रदेश के ऊना में लड़कियों के लिए सरकार ने एक खास तरह की जागरुकता योजना लागू की है। ताकि घर परिवार में उन्हें अहमियत मिल सके। इस योजना का नाम ऊना उत्कर्ष है। जहां पहले लोग अपनी दुकानें बेटों के नाम पर रखते थे, अब बेटियों के नाम पर रख रहे हैं।
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
ये नेम प्लेट दिखने में बेशक मामूली लगें लेकिन इनसे लड़कियों को एक आवाज मिल रही है। उन्हें भी अब ऐसा महसूस हो रहा है कि जितना उनका भाई अहमियत रखता है उतना ही वो भी अहमियत रखती हैं। ऊना के एक गांव में तो ऐसी बहुत सी दुकानें दिख जाएंगी, जो लड़कियों के नाम पर रखी गई हैं।
अब दौलतपुर चौक सहित कई अन्य गांवों में ऐसे साइनबोर्ड दिख जाएंगे, जो लड़कियों के नाम पर हैं। यहां दुकानों के नाम कुछ इस तरह हैं, अर्चिता नवदुर्गा ब्यूटी सैलून, पल्लवी वशिष्ट ऑटो केयर, खुशी राणा अनामिका राणा वाशिंग सेंटर, मेघा पिज्जा हट, नाजिया शूज एंड चप्पल हाउस आदि। अब लोग बेटियों के नाम पर दुकानों के नाम रख रहे हैं, जिनसे उनकी बेटियों को भी खुशी हो रही है।
महिला एंव बाल विकास के जिला प्रोग्रामिंग अफसर सतनाम सिंह का कहना है, "हमें शुरुआत में काफी विरोध का सामना करना पड़ा। लोग ऐसा करना नहीं चाहते थे। लेकिन वो धीरे-धीरे अपनी बेटियों के नाम पर दुकानों का नाम रखने को सहमत हो गए।"
अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा शुरू की गई कई पहल में से ये भी एक है। ताकि बच्चियां सशक्त बन सकें। हर पंचायत से भी कहा गया है कि वह कम से कम तीन बच्चियों के नाम की सिफारिश करें, ताकि उनकी तस्वीर पोस्टर पर लग सके। जिनमें लिखा हो, "हमारे गांव की बेटी, हमारी शान।"
अंबोआ गांव में भी प्रीती शर्मा नाम की एक लड़की के पोस्टर लगे हैं, यहां की स्थानीय निवासी प्रीती एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर चुकी है और एमडी की तैयारी कर रही है। घरों के बाहर लगे नेम प्लेट भी अब बदलकर महिलाओं के नाम पर रखे जा रहे हैं।
मावा खोलान की प्रधान संगीता देवी का कहना है, "लड़कियां आज बहुत अच्छा कर रही हैं, और लोग जानते हैं कि समय उनका है।"