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Ghulam Nabi Azad Resignation : इस्तीफे पर भड़की कांग्रेस, कहा- संयोग नहीं, यह पीएम मोदी के प्रति आजाद का सहयोग
Sat, 27 Aug 2022 04:50 AM IST
योगेश साहू
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Sat, 27 Aug 2022 04:50 AM IST
सार
Ghulam Nabi Azad Resignation : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा, आजाद ने जिन कारणों से इस्तीफा दिया है मैंने भी 2015 में इसीलिए दिया था। मेरा त्यागपत्र भी बिलकुल आजाद के जैसा था। कांग्रेस में समस्या यही है कि हर व्यक्ति जानता है कि राहुल अपरिपक्व, बचकाना और अप्रत्याशित हैं।
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गुलाम नबी आजाद और राहुल गांधी
- फोटो : PTI
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विस्तार
Ghulam Nabi Azad Resignation : वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने उनके प्रति आक्रामक रुख अपनाया है। पार्टी ने कहा, यह इस्तीफा कोई संयोग नहीं, बल्कि पीएम मोदी के प्रति आजाद का सहयोग है। प्रधानमंत्री के साथ उनकी नजदीकियां गिनाकर कांग्रेस ने आजाद को कटघरे में खड़ा किया। महासचिव जयराम रमेश ने कहा, पहले संसद में मोदी के आंसू, फिर पद्मभूषण, फिर मकान का एक्सटेंशन यह संयोग नहीं सहयोग है।
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जिस व्यक्ति को कांग्रेस नेतृत्व ने सबसे ज्यादा सम्मान दिया, उसी ने आज पार्टी पर हमला बोलकर अपना चरित्र दिखा दिया। रमेश ने कहा, आजाद ने जो पत्र मीडिया को जारी किया उसे पढ़ा, बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मीडिया प्रभारी पवन खेड़ा ने कहा, यह बात हर आदमी जानता है कि इस वक्त जो व्यक्ति पार्टी को धोखा देता है उसका रिमोट कंट्रोल नरेंद्र मोदी के हाथ में है।
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आजाद ने चुनाव में हार के लिए सोनिया-राहुल को ठहराया जिम्मेदार
गुलाम नबी आजाद ने इस्तीफे में कहा कि जिन उद्देश्यों के लिए हमने अपना पूरा जीवन कांग्रेस को दिया, अब पार्टी के भीतर वे गायब हो चुके हैं। आजाद ने सोनिया और राहुल दोनों के नेतृत्व पर सवाल खड़े करते हुए लिखा, दो आम चुनाव व 49 में से 39 विधानसभा चुनावों में पार्टी की शर्मनाक हार हुई। कांग्रेस आज सिर्फ दो राज्यों में सत्ता में है और अन्य में बहुत ही मामूली गठबंधन है। 2019 के आम चुनाव के बाद पार्टी की स्थिति बदतर होती चली गई।
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पार्टी ने सब कुछ दिया : खड़गे
कांग्रेस के सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा-पार्टी ने गुलाम नबी आजाद को सब कुछ दिया, लेकिन अपने इस्तीफे में आजाद की राहुल गांधी के बारे में की गई टिप्पणियां गलत हैं। आजाद ने लंबे समय तक सत्ता का सुख भोगा, लेकिन अब सिर्फ गलतियां निकाल रहे। इससे पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कितने नेता पार्टी से निकल जाते हैं, लेकिन पार्टी खत्म नहीं होती।
संदीप दीक्षित ने कहा, हमने सुधार का बैनर उठाया था, विद्रोह का नहीं
गुलाम नबी आजाद के साथ ग्रुप-23 में शामिल रहे असंतुष्ट नेता पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने आजाद को पत्र लिखकर कहा, आपके इस्तीफे से पार्टी में दुर्भाग्यवश उन नीतियों, व्यक्तियों को मजबूती मिलेगी जिनके चलते हमने सुधार प्रक्रिया का बैनर उठाया था। आज इस्तीफा लिखने वाले गुलाम वह नहीं हैं जिन्होंने कभी जी-23 का पत्र लिखा था। हमने पार्टी के अंदर सुधार का बैनर उठाया था, विद्रोह का नहीं।
मेरा त्यागपत्र भी बिलकुल ऐसा ही था : हिमंत
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा, आजाद ने जिन कारणों से इस्तीफा दिया है मैंने भी 2015 में इसीलिए दिया था। मेरा त्यागपत्र भी बिलकुल आजाद के जैसा था। कांग्रेस में समस्या यही है कि हर व्यक्ति जानता है कि राहुल अपरिपक्व, बचकाना और अप्रत्याशित हैं।
कांग्रेस के लिए बड़ा झटका : उमर
नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा- आजाद का इस्तीफा कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है। इतनी पुरानी पार्टी को इस तरह ध्वस्त होते हुए देखना दुखद और डरावना है। लंबे समय से इसकी चर्चा थी और आखिर पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता ने त्यागपत्र दिया जिसे पढ़ना दुखद है।
जाखड़ ने कहा, अंत की शुरुआत
पंजाब के पूर्व कांग्रेस प्रमुख व मई में भाजपा में शामिल हुए सुनील जाखड़ ने कहा, गुलाम नबी आजाद का इस्तीफा कांग्रेस के अंत की शुरुआत है। वरिष्ठ नेता क्यों छोड़ रहे इस बात का आकलन करने के बजाय कांग्रेस नेता आजाद पर धोखा देने के आरोप लगा रहे हैं।