Tamil Nadu: 'नाव पर मालदीव द्वारा लगाया गया जुर्माना माफ कराएं, मामले में दखल दें,' स्टालिन का केंद्र से आग्रह
Tamil Nadu: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सोमवार को केंद्र से अनुरोध किया कि मालदीव द्वारा तमिलनाडु की एक नौका पर लगाया गया 2.25 करोड़ रुपये का जुर्माना माफ कराया जाए।
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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सोमवार को केंद्र से अनुरोध किया कि मालदीव द्वारा तमिलनाडु की एक नौका पर लगाया गया 2.25 करोड़ रुपये का जुर्माना माफ कराया जाए और गिरफ्तार किए गए 12 मछुआरों और उनकी नौकाओं की सुरक्षित रिहाई कराई जाए।
विदेश मंत्री एस जयशंकर को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि मालदीव तटरक्षक बल ने 22 अक्तूबर को तमिलनाडु के 12 मछुआरों को गिरफ्तार किया था और द्वीप राष्ट्र के समुद्री क्षेत्र में कथित तौर पर प्रवेश करने के लिए उनकी नौकाओं को भी कब्जे में लिया गया था।
एक नवंबर 2023 को मालदीव ने मछली पकड़ने वाले जहाज के ऑपरेटर पर 42,00,000 एमवीआर (करीब 2.25 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया। मालदीव में अधिकारियों ने सूचित किया है कि नोटिस प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर जुर्माना का भुगतान किया जाना चाहिए और जब तक जुर्माना नहीं दिया जाता तब तक जहाज को उनके द्वारा हिरासत में रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, इसलिए मैं इन मछुआरों की ओर से आपसे तत्काल दखल देने का अनुरोध करता हूं और पोत पर लगाए गए जुर्माने को माफ कराने की मांग करता हूं। मुख्यमंत्री ने जयशंकर से मछुआरों और उनकी मछली पकड़ने वाली नौका की शीघ्र रिहाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि आपके समय पर हस्तक्षेप से इन मछुआरों और उनके परिवारों को राहत मिल सकती है, जो अभी एक अत्यंत कठिन स्थिति का सामना कर रहे हैं।
मंत्री का दावा- मुख्यमंत्री के वीडियो संदेश का नहीं किया गया प्रसारण
तमिलनाडु के वित्त मंत्री थंगम थेन्नारासु ने कहा कि भारतीय मूल के तमिलों (आईओटी) के श्रीलंका आगमन के 200 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित 'नाम 200' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एम के स्टालिन का वीडियो संदेश प्रसारित नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि भारत के कई नेताओं ने दो नवंबर को श्रीलंका में आईओटी की 200वीं वर्षगांठ को संबोधित किया था, लेकिन तमिलनाडु की मुख्यमंत्री का वीडियो संबोधन प्रसारित नहीं किया गया था।
थेन्नारासु में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, मुझे एक नवंबर की रात को (बैठक में भाग लेने के लिए) श्रीलंका की अपनी यात्रा रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा, क्योंकि रात साढ़े आठ बजे तक मुझे केंद्र सरकार से राजनीतिक मंजूबरी नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा कि राज्य के अधिकारियों ने उन्हें मंजूरी मिलने की संभावना के बारे में सूचित किया था, इसलिए उन्हें विदेश यात्रा रद्द करनी पड़ी और आयोजकों को सूचित करना पड़ा, जिन्होंने दो नवंबर की सुबह फोन किया और मुख्यमंत्री के संदेश का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि केंद्र की मंजूरी एक नवंबर की देर रात दी गई और उस समय तक उन्होंने द्वीप राष्ट्र की यात्रा रद्द कर दी थी। थेन्नारासु ने दावा किया कि अगली सुबह, आयोजकों ने मुख्यमंत्री से उनके संबोधन के लिए अनुरोध किया। आयोजकों को समय पर वीडियो संदेश भेजा गया लेकिन इसका प्रसारण नहीं किया गया।